बुद्धल तहसील के समोट गांव में वीरवार को मां बेटे की वीडीसी सदस्य द्वारा वीडीसी बंदूक से हत्या मामले में गुस्साए परिवार वालों ने उग्र प्रदर्शन किया। शवों को पोस्टमार्टम के लिए कोटरंका के उप जिला अस्पताल लाया गया था। पोस्टमार्टम के बाद परिवार वालों ने मां-बेटे को शवों को सड़क में रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया।
लोगों ने भाजपा-पीडीपी सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने करीब दो घंटे तक राजोरी-कोटरंका सड़क मार्ग जाम कर प्रदर्शन किया। इस अवसर पर उन्होंने कुछ वाहनों को तोड़फोड़ करने का प्रयास भी किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक लिया।
मौके पर पहुंचे एएसपी तेजेंद्र सिंह, एडीसी मुमताज अहमद चौधरी ने प्रदर्शनकारियों को भरोसा दिलाया कि पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। उसे कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी। प्रदर्शनकारियों ने पीड़ित परिवार को दस लाख रुपये की आर्थिक सहायता, परिवार में बचे एक बेटे को सरकारी नौकरी देने व वीडीसी को भंग कर वीडीसी बंदूकें वापस लेने की मांग की।
अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को भरोसा दिलाया कि जिला प्रशासन पीड़ित परिवार को एक लाख रुपये देगा। दस लाख रुपये की आर्थिक सहायता के लिए सरकार को सिफारिश भेजेंगे। एएसपी ने भरोसा दिलाया कि यदि मृतका का बेटा योग्य हुआ, तो उसे पुलिस में एसपीओ के पद पर नियुक्त किया जाएगा। इसके बाद शवों को उनके पैतृक गांव ले जाकर अंतिम संस्कार कर दिया गया।
वीडीसी बंदूकों के दुरुपयोग के चलते वीडीसी भंग कर बंदूकें वापस लेने पर जब राजारी-पुंछ रेंज के डीआईजी पुलिस अशोक कुमार अत्री से बात की गई तो उन्होंने वीडीसी को भंग करने को असंभव करार दिया। उन्होंने कहा कि वीडीसी का गठन सरकार ने किया था।
अभी तक सरकार की वीडीसी को भंग करने की कोई योजना नहीं है। कुछ लोग वीडीसी का दुरुपयोग करते हैं, इसका मतलब यह नहीं कि वीडीसी को भंग कर दिया जाए। वीडीसी बंदूकों का दुरुपयोग कर कानून को अपने हाथ में लेने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।