कालाकोट सब डिवीजन के केसर गाला निवासी नेकां नेता इश्तियाक चौधरी की वीडीसी बंदूक से वीडीसी सदस्य केवल कृष्ण द्वारा हत्या के बाद बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार को अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों ने जम्मू-पुंछ राष्ट्रीय राजमार्ग पर मुरादपुर क्षेत्र में आवागमन बंद कर पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन किया।
इस दौरान करीब छह घंटे तक लोगों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। गुस्साए लोगों ने पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि नेकां नेका की हत्या एक वीडीसी सदस्य ने की थी। पुलिस ने हत्या के मामले में परिवार के दस लोगों को गिरफ्तार कर सभी पर हत्या, साजिश और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है।
एक व्यक्ति आरोपी है, जबकि परिवार के अन्य नौ लोगों को पुलिस फंसा रही है। उन्होंने पुलिस पर सियासी दबाव के नीचे काम करने का आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस ने तीन महिलाओं को भी गिरफ्तार कर उन पर हत्या व आर्म्स एक्ट जैसे संगीन आरोप लगाए हैं, जबकि वह उस समय अपने घरों में थीं।
प्रदर्शनकारियों ने पीडीपी पर अल्पसंख्यक समुदाय के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाते हुए कहा कि पीडीपी वीडीसी को भंग कर वीडीसी बंदूकें वापस लेने की मांग कर रही है। पीडीपी भी कश्मीर घाटी के अलगाववादी नेताओं के इशारे पर काम कर रही है। अलगाववादी नेता अल्पसंख्यक समुदाय को हमेशा से दुशमन समझते रहे हैं और पीडीपी भी उन्हीं की भाषा बोल रही है।
वहीं अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों ने रोष प्रकट करते हुए कहा कि हत्या के दूसरे दिन केसर गाला निवासियों ने मुरादपुर क्षेत्र मे उग्र प्रदर्शन के दौरान देश विरोधी नारेबाजी की थी और कुछ युवकों के वाहनों में तोड़फोड़ करने के साथ मारपीट की थी। पुलिस ने अभी तक एक भी ऐसे युवक को गिरफ्तार नहीं किया है, जिन्होंने कानून को अपने हाथ में लिया था।
मौके पर पहुंचे एसएसपी राजोरी राजेश्वर सिंह ने प्रदर्शनकारियों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि हत्या के मामले की जांच के लिए सिट का गठन किया गया है। पहले पकड़े गए दस में से छह लोगों को छोड़ दिया जाएगा। किसी के साथ भी अन्याय नहीं होगा। किसी बेगुनाह को सजा नहीं मिलेगी।
एसएसपी ने भरोसा दिलाया कि हत्या के बाद उग्र प्रदर्शन के दौरान कानून को अपने हाथ में लेने वालों के खिलाफ भी पुलिस कड़ी कार्रवाई करेगी। एसएसपी के आश्वासन के बाद करीब छह घंटे बाद प्रदर्शनकारियों ने इस चेतावनी के साथ प्रदर्शन खत्म किया कि यदि न्याय नहीं मिला तो फिर से प्रदर्शन का सहारा लेंगे। इस बीच घंटों बड़ी संख्या में यात्री वाहन व अन्य वाहन फंसे रहे।