राजोरी जिले को पोलियो मुक्त बनाने को जिला स्वास्थ्य विभाग ने कमर कस ली है। वर्ष 2015 में 18 जनवरी और 22 फरवरी को जिंदगी की दो बूंद पिलाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी हैं।
इस संबंध में कार्यकारी सीएमओ ने बताया कि जिले में पांच वर्ष से कम आयु के करीब एक लाख तीन हजार बच्चों को ड्राप पिलाने के लिए करीब 650 बूथ बनाए जा रहे हैं। इसमें आंगनबाड़ी कर्मियों के अलावा स्वास्थ्य विभाग के कर्मियों को नियुक्त कर बच्चों को बूंदें पिलाई जाएंगी।
सीएमओ के अनुसार, राजोरी जिले में पिछले करीब चार वर्षों से पोलियो का एक भी नया मामला सामने नहीं आया है। उन्होंने बताया कि हमारे पड़ोसी देश पाकिस्तान में अभी पोलियो बीमारी खत्म नहीं हुई है। हर महीने पाकिस्तान से वीजा पर कई लोग जिले के विभिन्न क्षेत्रों में अपने परिजनों से मिलने आते हैं और यहां से भी लोग सीमा पार जाते हैं।
सीमा आर-पार करने वाले लोगों के बच्चों के साथ पोलियो वायरस यहां न आए, इसके लिए ऐसे परिवारों की पहचान कर उन्हें बूंदें पिलाने के लिए ठोस योजना बनाई जा रही है। विभिन्न चिकित्सा ब्लाकों के बीएमओ को निर्देश दिए गए हैं कि वह अपने-अपने ब्लाकों में ऐसे परिवारों की सूची तैयार करें, जो सीमा के उस पार गए हों या इस पार आए हों।