सुंदरबनी। बैरीपतन तहसील को नौशेरा विधानसभा (विस) के साथ रखने तथा कालाकोट-सुंदरबनी के साथ जोड़ने के मामले में पंच सरपंचों के साथ-साथ लोग भी दो पक्षों में बंटने लगे। कुछ दिन पूर्व बीडीसी अध्यक्ष अरुण कुमार शर्मा के नेतृत्व में कुछ सरपंचों पंचों ने रैली कर एडीसी को इस संबंध में ज्ञापन सौंपा था। रविबार को ही विभिन्न पंचायतों के सरपंचों पंचों तथा आम लोगों ने बैठक कर परिसीमन आयोग द्वारा बैरीपतन तहसील को नौशेरा विधानसभा के साथ रखने का स्वागत किया।
बैठक में मौजूद सरपंच अनिल कुमार, रूकमेश कुमारी, पंच भीमसेन तथा स्थानीय लोगों ने कहा कि बैरीपतन तहसील पहले भी नौशेरा के साथ थी, लेकिन अब भी नौशेरा विधानसभा क्षेत्र के साथ ही रखा जा रहा है, लेकिन सुंदरबनी उपजिला की बाकी दो तहसील सुंदरबनी तथा स्योट को उल्टा कालाकोट विधानसभा क्षेत्र के साथ जोड़ा गया है। इस कारण बैरीपतन तहसील के लोग कालाकोट के साथ न जाकर नौशेरा विधानसभा क्षेत्र के साथ रहना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि बैरीपतन तहसील सीमावर्ती तहसील होने के कारण नौशेरा विधानसभा क्षेत्र के साथ रहने पर सीमावर्ती क्षेत्रों के गांवों में बीएडीपी के तीत आने वाले फंड्स का सही इस्तेमाल होने से विकास में तेजी आएगी।
उन्होंने कहा कि परिसीमन आयोग की तरफ से बैरीपतन तहसील को नौशेरा के साथ रखने के निर्णय का लोग स्वागत करते हैं। कुछ स्वार्थी नेता अपने राजनीतिक लाभ के लिए इसे नौशेरा के साथ रखने का विरोध कर रहे हैं, लेकिन आम जनता आयोग के फैसले से संतुष्ट है।