राजोरी। परिसीमन आयोग ने अपनी रिपोर्ट में जिले में थन्नामंडी को नया विधानसभा क्षेत्र बनाया है। वहीं नौशेरा से सुंदरबनी और सियोट का इलाका काटकर कालाकोट विस क्षेत्र से जोड़ कर कालाकोट सुंदरबनी को नया विधानसभा क्षेत्र बना दिया है।
जिले में एक और विधानसभा क्षेत्र को जोड़ दिया गया है। राजोरी विधानसभा क्षेत्र के दो हिस्से करके थन्नामंडी को नया विधानसभा क्षेत्र बना दिया है। जबकि राजोरी विधानसभा क्षेत्र से थन्नामंडी मंजाकोट के साथ राजोरी के फतेहपुर, सोेहाना, डूंगी और बगला को निकालकर थन्नामंडी विस क्षेत्र से जोड़ा गया है। राजोरी विस क्षेत्र में राजोरी तहसील का क्षेत्र होगा। वहीं कालाकोट में सुंदरबनी, कालाकोट तरयाठ तहसील और सियोट तहसील को शामिल करके विधानसभा क्षेत्र बनाया गया है। नौशेरा से सुंदरबनी और सियोट तहसील को अलग करके बैरीपतन तहसील के साथ किला दरहाल और नौशेरा तहसील को मिलाकर विधानसभा क्षेत्र में बनाया गया है।
परिसीमन आयोग की रिपोर्ट के अनुसार बुद्धल दरहाल विधानसभा क्षेत्र में है। फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है। उक्त विस क्षेत्र में पहले की तरह ही दरहाल, कोटरंका और ख्वास तहसील को रखा गया है। राजोरी जिले में नए बने थन्नामंडी विधानसभा क्षेत्र में थन्नामंडी और मंजाकोट तहसील के अलावा डूंगी पंचायत के कुछ इलाके शामिल किये गए है। आयोग ने दरहाल बुद्धल विस क्षेत्र को छोड़ अन्य सभी विस क्षेत्रोें का स्वरूप बदल दिया है।
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राजोरी में 2 सीटें एसटी के लिए सुरक्षित
परिसीमन आयोग ने जिले में पांच विधानसभा क्षेत्र में से दो को एसटी के लिए सुरक्षित कर दिया है। जानकारी के अनुसार नया बनाया गया विस क्षेत्र और दरहाल विस क्षेत्र को एसटी के लिए रिजर्व किया गया है। बता दें कि परिसीमन आयोग की रिपोर्ट से पहले जिले में चार विधानसभा क्षेत्र थे और चारों ओपन कैटेगरी में थे, जबकि कोई भी सुरक्षित नहीं थे, लेकिन अब की बार एक विधानसभा क्षेत्र बढ़ाकर दो एसटी के लिए सुरक्षित कर दी गई है।
बैरीपतन तहसील को नौशेरा विस क्षेत्र के साथ जोड़ने पर लोगों में रोष
सुंदरबनी। उपजिला की बैरीपतन तहसील को नौशेरा विधानसभा क्षेत्र से जोड़ने पर लोगों में भारी रोष है। लोगों का कहना है कि तहसील का गठन वर्ष 2014 में हुआ। जबकि परिसीमन आयोग द्वारा 2011 की जनसंख्या के आधार पर नई विधानसभाओं का गठन किया गया है।
लोगों का कहना है कि बेशक बैरीपतन तहसील को सुंदरबनी से अलग करके तहसील बनाया गया, लेकिन आज भी बैरीपतन का तहसीलदार सुंदरबनी में बैठता है, लेकिन परिसीमन आयोग द्वारा बैरीपतन तहसील को नौशेरा के साथ रखकर लोगों की परेशानियों को बढ़ाया गया है। इस संबंध में भाजपा नेता एवं सरपंच अनिल कुमार ने बताया के नौशेरा तथा सुंदरबनी के अलग-अलग विधानसभा क्षेत्र बनाने के निर्णय का वह स्वागत करते हैं, लेकिन बैरीपतन तहसील जो कि सुंदरबनी सब डिविजन का अंग है। उसे सुंदरबनी से अलग नहीं किया जाए। क्योंकि ऐसा होने से बैरीपतन तहसील के लोगों की परेशानियां कम होने के बजाए बढ़ेंगी।
इस संबंध में भाजपा के मंडल प्रधान राकेश शर्मा ने कहा कि बैरीपतन तथा स्योट दोनों तहसीलें वर्ष 2014 में सुंदरबनी से अलग करके बनाई गई थी। परिसीमन आयोग को किस आधार पर बैरीपतन तहसील को उपजिला सुंदरबनी से अलग किया है। क्योंकि भौगोलिक स्थिति को अगर देखा जाए तो बैरीपतन तवी ही सही हदबंदी बनती थी, लेकिन ऐसा नहीं करके आयोग ने बैरीपतन तहसील के लोगों की परेशानियों को कम करने के बजाय बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि सुंदरबनी भाजपा इकाई की तरफ से बैरीपतन तहसील को सुंदरबनी के साथ रखने की मांग को भाजपा आलाकमान से जोर से उठाया जाएगा।
इस संबंध में डीडीसी सदस्य राजेंद्र शर्मा का कहना है कि बैरीपतन तहसील को सुंदरबनी से अलग करना गलत है। क्योंकि बैरीपतन तहसील सुंदरबनी का अंग होने के साथ-साथ इसका ग्रामीण विकास खंड कार्यालय तथा डीडीसी क्षेत्र भी सुंदरबनी है। इसलिए बैरीपतन को नौशेरा विधानसभा क्षेत्र के साथ रखने का कोई भी पैरामीटर नहीं बनता है। उन्होंने कहा कि इसका विरोध परिसीमन आयोग के आगे दर्ज कराया जाएगा। अगर फिर भी आयोग द्वारा उनकी मांग नहीं मानी गई तो कानूनी सलाह ली जाएगी।
विभिन्न राजनीतिक दलों ने परिसीमन आयोग की रिपोर्ट पर जताई नाराजगी
बताया भाजपा की बंदर बांट रिपोर्ट
पुंछ। नगर में विभिन्न राजनीतिक दल के नेताओं ने परिसीमन आयोग की रिपोर्ट पर नाराजगी जताते हुए इसे भाजपा की बंदर बांट रिपोर्ट बताया। इसे पूरे जम्मू-कश्मीर एवं विशेष तौर पर पुंछ की जनता के साथ विश्वासघात बताया। नेताओं ने उपराज्यपाल और केंद्रीय गृहमंत्री से पुन: विचार करने की मांग की।
सोमवार को नेशनल कांफ्रेंस, पीडीपी, अपनी पार्टी, जनतादल के नेताओं पूर्व विधायक शाह मोहम्मद तांत्रे, सुरजन सिंह, पीर निसार हुसैन शाह, मारूफ खान आदि ने प्रेसवार्ता में कहा कि सबसे पहले हम परिसीमन आयोग में शामिल सर्वोच्च न्यायालय के सेवानिवृत न्यायाधीशों को सलाम पेश करते हैं जिन्होंने अपनी परिसीमन की सिफारिश से पूरे प्रदेश में उथल-पुथल करके रख दी है। पुंछ के लोगों की 70 वर्ष की कुर्बानियाें और पाकिस्तानी गोलाबारी एवं आतंकवाद का सामना कर देश की सरहदों की रक्षा करने का सबसे बढ़िया सिला दिया है। आयोग ने पुंछ हवेली विधान सभा क्षेत्र के नियंत्रण रेखा से सटी पंचायतों बेदार, बलनई और अढ़ाई को सुरनकोट विधानसभा में मिलाने का निर्णय लिया है। हमें आयोग के सदस्यों की सोच पर हैरानी होती है। जिन क्षेत्र को सुरनकोट में मिलाया गया है वह सीमा से बहुत दूर स्थित है। इतना ही नहीं जिला मुख्यालय पुंछ नगर से दो किलोमीटर की दूरी पर स्थित खनेतर को भी सुरनकोट में शामिल किया गया है। जबकि खनेतर के आगे कलाई, शींदरा, सेढ़ी ख्वाजा, सेढ़ी चौहान को पुंछ हवेली विधान सभा में ही रखा गया है। आयोग ने किस प्रकार हवा में खनेतर को उठाकर सुरनकोट में मिला दिया है। यह पुंछ हवेली विधान सभा क्षेत्र के लोगों के खिलाफ अन्याय है। जो हमें मंजूर नहीं है।