दरहाली पुल निवासी अमजद मीर ने ने बताया कि उसने बेला ब्रिज इलाके की दुकान से दूध खरीदा था। घर पर दूध को आंच पर रखा तो वह सामान्य रूप से उबलने के बजाय अजीब तरह से गाढ़ा होने लगा। देखते ही देखते पूरा दूध कृत्रिम रबर की तरह बन गया। दूध की इस असामान्य स्थिति को देखकर उन्हें मिलावट या गुणवत्ता खराब होने का संदेह हुआ।अमजद ने बिना देर किए मामले की शिकायत खाद्य सुरक्षा विभाग से की। सूचना मिलते ही विभाग के इंस्पेक्टर अजय गुप्ता अपनी टीम के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। टीम ने दुकान में मौजूद दूध के स्टॉक का निरीक्षण किया। इसके बाद सैंपल लिए।
खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि दूध के रबर बनने का असली कारण अभी स्पष्ट नहीं है। बिना लैब रिपोर्ट के मिलावट के सटीक रसायनों की पुष्टि नहीं की जा सकती। जांच रिपोर्ट आते ही स्थिति पूरी तरह साफ हो जाएगी। यदि मिलावट पाई जाती है तो संबंधित विक्रेता के खिलाफ खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता, शुद्धता या सुरक्षा को लेकर संदेह हो तो उसकी सूचना तुरंत खाद्य सुरक्षा विभाग को दें। शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
पीरपंजाल क्षेत्र में कोई लैब नहींपीरपंजाल क्षेत्र के राजोरी और पुंछ जिले में खाद्य पदार्थों में मिलावट की जांच के लिए कोई प्रयोगशाला नहीं है। जांच के लिए सैंपल जम्मू भेजे जाते हैं या फिर श्रीनगर। यहां आए दिन खाद्य पदार्थों की जांच की जाती है। सैंपल लिए जाते हैं, रिपोर्ट में क्या आया...किसी को पता नहीं चलता। यह चिंता का विषय है।
राजोरी में शनिवार को खाद्य सुरक्षा विभाग की तरफ से दूध के दो नमूने लिए गए हैं। इन्हें जांच के लिए श्रीनगर स्थित प्रयोगशाला में भेजा गया है। 15 दिन बाद जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।-मनोज कुमार, खाद्य सुरक्षा अधिकारी, राजोरी