सेना के अधिकारियों ने बताया कि घायल अधिकारी को पहले नजदीकी सैन्य चिकित्सा केंद्र पहुंचाया गया, जहां से कमांड अस्पताल उधमपुर भेजा गया। फिलहाल उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज जारी है।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, यह विस्फोट पुराने लैंडमाइन या गश्त मार्ग में मौजूद विस्फोटक सामग्री के कारण हो सकता है। सुरक्षा एजेंसियां पूरे इलाके की जांच कर रही हैं ताकि किसी अन्य संभावित खतरे को समय रहते निष्क्रिय किया जा सके। उल्लेखनीय है कि नियंत्रण रेखा से सटे राजोरी और नौशेरा सेक्टर में बारिश के मौसम में कई बार पुराने बारूदी सुरंगें खिसक जाती हैं। इससे जवानों के लिए खतरा बढ़ जाता है।