राजोरी में पंचों-सरपंचों के साथ बैठक करते डीडीसी अध्यक्ष चौधरी लियाकत व अन्य।
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राजोेरी। जल जीवन मिशन के प्रभावी कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने और जल संरक्षण की आवश्यकता के बारे में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने पीडब्ल्यूडी डाक बंगला में पंचों-सरपंचों के लिए एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला विकास परिषद के अध्यक्ष चौधरी नसीम लियाकत ने की। जल जीवन मिशन हाइड्रोलिक्स के उद्देश्यों के बारे में प्रतिभागियों को जानकारी देते हुए कहा कि जल जीवन मिशन भारत सरकार द्वारा शुरू की गई एक केंद्र प्रायोजित योजना है, जिसका उद्देश्य 100% नल का पानी हर घर नल से जल प्रदान करना है।
उन्होंने कहा कि कार्यशाला का उद्देश्य पानी के संरक्षण और विवेकपूर्ण उपयोग के बारे में आम जनता में जागरूकता बढ़ाना है। उन्होंने यह भी बताया कि जिले में 129252 घर हैं, जिनमें से 67736 में नल के पानी का कनेक्शन है, जबकि 61517 को कवर किया जाना बाकी है।
जेजेएम के क्रियान्वयन के संबंध में उन्होंने बताया कि जिले के लिए 1723 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से 293 योजनाओं को मंजूरी दी गई है। उन्होंने यह भी कहा कि जल्द ही सभी योजनाओं पर काम शुरू कर दिया जाएगा। जल से संबंधित मुद्दों के बारे में जनता में जागरूकता बढ़ाने के लिए की जा रही गतिविधियों का विवरण देते हुए, एसई हाइड्रोलिक्स ने कहा कि जल जीवन मिशन के तहत राजोेरी में आईईसी गतिविधियों की एक श्रृंखला आयोजित की जा रही है।
जल संरक्षण के विभिन्न पहलुओं के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए कार्यान्वयन सहायता एजेंसियों द्वारा आईईसी गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण और प्रबंधन को और मजबूत करने के लिए एक जल शक्ति केंद्र स्थापित किया गया है, जहां लोग अपनी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं।