राजोरी। उपायुक्त राजेश के. शवन की अध्यक्षता में बुधवार को हुई जिला स्तरीय बैठक में वन अधिकार समिति ने वन अधिकार अधिनियम के तहत 45 दावों को मंजूरी दी गई।
बैठक में रखे गए दावों पर चर्चा और जांच के बाद समिति ने 364 से अधिक परिवारों को लाभान्वित करने वाले 45 मामलों को मंजूरी दी। कुछ मामलों को दस्तावेज पूरा करने के लिए लौटा दिया गया, जबकि कुछ अन्य को जांच के लिए अनुशंसित किया गया। प्रासंगिक रूप से डीएलसी ने अब तक चार बैठकों में 45 दावों सहित 585 एफआरए दावों को मंजूरी दी है। इससे 1415 परिवारों और 8490 लोगों को लाभ हुआ है।
बैठक में वन भूमि पर कार्यरत शिक्षण संस्थाओं की पहचान एवं जल शक्ति योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए बताया गया कि वन क्षेत्र में 84 विद्यालय एवं 53 योजनाएं कार्यरत हैं। उपायुक्त ने कहा कि सूची को वन अधिकार समितियों के साथ साझा करें। ताकि मामलों पर जल्द से जल्द कार्रवाई की जा सके। ग्रामीण विकास विभाग, पशुपालन और भेड़पालन के संबंधित अधिकारियों को वन क्षेत्रों में अपनी संपत्ति की पहचान करने और इस संबंध में कम से कम समय में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा गया।
बैठक में बीडीसी अध्यक्ष किला दरहल, खालिद फिरदोज़, डीएफओ अर्शदीप सिंह, डीएफओ नौशेरा नीलिमा, एडीसी राजोेरी सचिन देव सिंह, एडीसी सुंदरबनी विनोद कुमार बहनाल, एडीसी नौशेरा सुखदेव सिंह संबयाल, एडीसी कालाकोट कृष्ण लाल, एडीसी कोटरंका सुरिंदर मोहन शर्मा, एसीडी सुशील खजूरिया, सीपीओ मोहम्मद खुर्शीद, एसीपी मोहम्मद राशिद कोहली, एसी रक्षा सलीम कुरैशी, सीईओ शिक्षा गुलज़ार हुसैन मौजूद रहे।