नेकां के प्रांतीय अध्यक्ष देवेंद्र राणा ने कालाकोट के केसरगाला निवासी युवा नेकां नेता इश्तियाक चौधरी की हत्या के मामले में न्यायिक जांच की मांग की है। इसके साथ ही राणा ने मृतक के परिवार वालों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया।
वहां से लौटने के बाद राणा ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि नेकां नेता की हत्या सोची समझी साजिश के तहत की गई। इश्तियाक चौधरी को पहले से ही जान से मारने की धमकियां मिल रही थी। करीब एक महीने पहले भी मृतक ने एक कांफ्रेंस के दौरान कहा था कि उनकी जान को खतरा है।
जिले के राशन माफियाओं ने एक युवा आवाज को हमेशा के लिए खामोश कर दिया है। उन्होंने इस मामले की न्यायिक जांच हाईकोर्ट के एक सिटिंग जज से करवाए जाने की मांग की है। राणा ने चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार और जिला प्रशासन ने न्यायिक जांच नहीं करवाई और दोषियों को बेनकाब नहीं किया गया तो नेकां चुप नहीं बैठेगी।
वहीं राणा ने राज्य में आत्मरक्षा के लिए बनाई गई वीडीसी को गठबंधन सरकार द्वारा राजनीतिक मिलिशिया बना कर अवैध काम करवाने का आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा पीडीपी राज्य में फिर से ऐसे हालात पैदा कर रही है, जिससे आपसी प्रेम व भाई चारे को खतरा है।
उन्होंने भाजपा पीडीपी पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह वीडीसी बंदूकों का दुरुपयोग करवा कर विपक्ष की आवाज को खामोश करना चाहती है। वहीं राणा ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि पीडीपी भाजपा ने वीडीसी का दुरुपयोग बंद नहीं किया तो इसके भयानक नतीजें होंगे।
इस दौरान राणा के साथ नेकां के यूथ प्रांतीय अध्यक्ष एजाज जान, पूर्व एमएलए ठाकुर रशपाल सिंह, मुश्ताक बुखारी, सज्जाद शाहीन आदि मौजूद रहे।