राजोरी। जिला विकास आयुक्त राजोरी राजेश के शवन ने रविवार को अधिकारियों के साथ बैठक में स्वास्थ्य क्षेत्र की समीक्षा की। उन्होंने जिला स्वास्थ्य अधिकारी को एक प्रभावी तंत्र विकसित करने के लिए कहा ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि वास्तविक मूल्य पर गुणवत्ता वाली दवाएं लोगों को उपलब्ध हो सकें। बैठक में उन्होंने स्वास्थ्य सेवाएं, जिले में आवश्यक दवाओं की उपलब्धता, जीएमसी राजोरी में स्वच्छता, स्टाफ की स्थिति और अन्य बिंदुओं पर चर्चा की।
जिले में आवश्यक दवाओं की उपलब्धता पर संबंधित जिला स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि मरीजों के लिए आवश्यक दवाओं का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। नियमित रूप से निरीक्षण भी किया जा रहा है, ताकि सुनिश्चित हो सके कि मानक गुणवत्ता वाली दवाएं ही उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने बताया कि इस महीने के दौरान विभिन्न मेडिकल स्टोर से दवाओं के 93 सैंपल लिए गए हैं।
9 जनऔषधि केंद्रों के लिए जगह चिह्नित
जनऔषधि केंद्रों के बारे में संबंधित अधिकारी ने बताया कि जिले में दस जनऔषधि केंद्र हैं, जिनमें से एक जीएमसी में स्थित है, जो कार्यात्मक है और शेष नौ भी जल्द से जल्द कार्यशील हो जाएंगे। केंद्रों के संचालन के लिए स्थान की भी पहचान की गई है, इसके अलावा सभी खंड चिकित्सा अधिकारियों को इन जनऔषधि केंद्रों के लिए लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। डीडीसी ने जिला स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देश दिया कि वे केंद्रों के लिए लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया में तेजी लाएं ताकि इसे जल्द से जल्द कार्यात्मक बनाया जा सके और आम जनता को आवश्यक लाभ प्रदान किया जा सके। जीएमसी राजोरी में सैनिटरी स्थिति की समीक्षा करते हुए, डीडीसी ने प्रिंसिपल जीएमसी को इस संबंध में ठोस उपाय करने के लिए कहा।