दवा के साथ-साथ नियमित काउंसलिंग की गई
केंद्र में डॉक्टरों ने उसका तुरंत उपचार शुरू कर दिया। चिकित्सीय देखरेख में उसे नशे की लत से छुटकारा पाने और नशे की तलब को नियंत्रित करने के लिए दवा दी गई। दवा के साथ नियमित काउंसलिंग की गई। इससे युवती का आत्मविश्वास और भावनात्मक स्थिरता हासिल करने में मदद मिली। आज वह सुधार की राह पर है अपनी जिंदगी को फिर से बना रही है।
ढाई महीने नशामुक्ति केंद्र में बिताने पड़े
जीएमसी राजोरी के नशामुक्ति केंद्र में युवती का करीब ढाई महीने इलाज चला। चार दिन पहले वह घर आ गई है, लेकिन डॉक्टरों की पूरी निगरानी में है। वह अपने परिवार से फिर से जुड़ रही है और आजीविका कमाने के लिए कौशल प्रशिक्षण की तैयारी कर रही है।
डीसी ने कौशल विकास एवं प्रशिक्षण के अवसर देने के निर्देश दिए
राजोेरी के उपायुक्त (डीसी) अभिषेक शर्मा ने युवती के घर जाकर उसके पूर्ण पुनर्वास के लिए हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि युवती को उचित परामर्श और निरंतर मनोवैज्ञानिक सहायता, व्यापक पुनर्वास योजना और कौशल विकास एवं प्रशिक्षण के अवसर प्रदान किए जाएं।