-लोगों ने प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभागों से निरीक्षण कर मुआवजे देने की मांग की
संवाद न्यूज़ एजेंसी
राजोेरी। मूसलाधार बारिश से दरहाल मलकान व आसपास के इलाकों में भूमि कटाव से मिट्टी कमजोर हो गई है। इससे कई मकान ढहने का खतरा है। लोगों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभागों से तत्काल निरीक्षण कर प्रभावित परिवारों के लिए मुआवजे की अपील की है।
चौकियां नाली में अब्दुल मारूफ की जमीन के बड़े हिस्से में बारिश के कारण कटाव हो गया। घर की नींव कमजोर हो गई है, जिससे ढहने का खतरा है। परिवार के सदस्यों में किसी संभावित त्रासदी का डर है।
इसी तरह, सागरवट गांव में मोहम्मद आलम के घर के पास जमीन का बड़ा हिस्सा बारिश के कारण ढह गया है। उनका घर एक खड़ी ढलान के पास खड़ा है, जिससे निवासियों की जान को खतरा है। पीड़ितों ने प्रशासन और आपदा प्रबंधन अधिकारियों से प्रभावित स्थलों का तत्काल सर्वेक्षण कर नुकसान का आकलन करने और राहत सामग्री व वित्तीय मुआवजे के माध्यम से समय पर सहायता सुनिश्चित करने का आग्रह किया है।
इरा दा खेतर गांव में प्रोटेक्शन वॉल ढही, प्रदर्शन
उधर, इरा दा खेतर गांव में सोमवार को हुई तेज बारिश से प्रोटेक्शन वॉल ढह जाने पर लोगों ने मंगलवार को बॉर्डर रोड आर्गेनाइजेशन (बीआरओ) के खिलाफ प्रदर्शन किया। लोगों ने राजोरी-पुंछ सड़क जामकर नारेबाजी की। उन्होंने बताया कि सड़क को चौड़ा करने के लिए बीआरओ ने जमीन की कटिंग की, लेकिन हल्की गुणवत्ता वाली सामग्री का प्रयोग कर प्रोटेक्शन वॉल बनाई, जो बारिश में ढह गई। इससे पानी घरों और खेतों में घुस जाने से काफी नुकसान हुआ है। बीआरओ की लापरवाही से प्रोटेक्शन वॉल का मलबा मोहम्मद सादिक के घर पर गिरा है। उसके घर को काफी नुकसान पहुंचा है। कई लोगों की फसल बर्बाद हुई है। उन्होंने जल्द से प्रोटेक्शन वॉल निर्माण और सादिक को मुआवजा देने की मांग की है।