राजोरी। नगर व आसपास के इलाकों में बुधवार को शुरू हुई आफत की बारिश ने दोपहर बाद भयानक रूप धारण कर लिया। इससे कई जगहों पर लोग अपने ही घरों में फंस गए। नदियां और नाले उफान पर आ गए और तेज बहाव में लोग भी बह गए, जिन्हें कड़ी मशक्कत के बाद बचाया गया।
बुधवार दोपहर तक होती रही हल्की बूंदाबांदी ने दोपहर बाद मूसलाधार बारिश का रूप ले लिया, जिससे एक घंटे के भीतर शहर में बहने वाली सुखतोई और दरहाली नदी में जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बहने लगा। इससे दरहाली नदी के किनारे बसने वाले बेला कॉलोनी वासियों और झुग्गी झोपड़ियों में रहने वाले लोगों को सबसे अधिक खतरा महसूस होने लगा।
जैसे ही नदी में जलस्तर बढ़ने लगा, पानी झुग्गियों के अंदर घुस गया। उनमें रहने वाले करीब 15 परिवारों ने मुश्किल से अपनी व अपने बच्चों की जान बचाई। वहीं, जम्मू-राजोरी हाईवे स्थित शहर के बथुनी इलाके में नदी में दो युवक फंस गए थे। यह खबर जब पुलिस को लगी तो पुलिस ने तत्काल बचाव और राहत कार्य शुरू कर दिया।
मौके पर मौजूद कुछ चश्मदीदों ने बताया कि जब तक पुलिस घटनास्थल पर पहुंचकर लोगों को पानी से बाहर निकालती, तब तक एक अनजान व्यक्ति ने पानी में छलांग लगा दी और तैर कर नदी पार करने की कोशिश की। लेकिन, पानी के तेज बहाव में वह बह गया। करीब डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने दूसरे व्यक्ति को बचाया। पुलिस के अनुसार, जो अनजान व्यक्ति पानी में बह गया था, समाचार लिखे जाने तक उसके बारे में कोई अता पता नहीं चला। हालांकि, पुलिस उसे तलाश करने में काफी मेहनत कर रही है।
उधर, जिले भर में दर्जनों मकानों के क्षतिग्रस्त होने की सूचना मिली है। पुलिस व जिला प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, विभिन्न इलाकों में मकानों के क्षतिग्रस्त होने की सूचना तो मिली है, लेकिन विस्तृत जानकारी अब तक प्राप्त नहीं हो पाई है। इसके अलावा जिले के विभिन्न इलाकों जैसे राजोरी-थन्नामंडी, राजोरी-पुंछ हाईवे, बुद्धल-गब्बर, थन्नामंडी-डीकेजी, कंडी-खवास में सड़कों पर पस्सी गिरने से यातायात घंटों ठप रहा। राजोरी के दूधाधारी आश्रम के पास राजोेरी-पुंछ हाईवे पर नदी का पानी बहने से करीब दो घंटे यातायात ठप रहा। जलस्तर कम होने पर यातायात बहाल कर दिया गया।
तेज बारिश में हवाओं से मक्का की फसल बर्बाद
वहीं, जिले के पहाड़ी इलाकों जैसे कंडी, बुद्धल, थन्नामंडी, दरहाल, आदि में तेज बारिश और हवाएं चलने से जहां एक तरफ आम जनजीवन अस्त व्यस्त हुआ, तो वहीं दूसरी ओर मक्का की फसल बुरी तरह से बर्बाद हो गई है।
उपायुक्त ने जारी किया रेड अलर्ट
जिले में खराब मौसम और मूसलाधार बारिश के चलते पैदा हुए हालात को देखते हुए उपायुक्त राजेश कुमार शवन ने जिले भर में रेड अलर्ट घोषित कर दिया है। उन्होंने बताया कि मूसलाधार बारिश के चलते जिले व आसपास बहने वाले नदी-नालों में जलस्तर उफान पर है और पस्सिया गिरने के समाचार मिल रहे हैं। इसे ध्यान में रखते हुए जिले भर में रेड अलर्ट घोषित कर दिया गया है। नदी-नालों के किनारे रहने वाले लोग वहां से किसी सुरक्षित स्थान पर चले जाएं। ऐसे में लोग एक-दूसरे की मदद के लिए सामने आएं और परेशानी के समय में मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारे में रहने के बंदोबस्त किए जाएं।
बथुनी में नदी में फंसे व्यक्ति को बाहर निकालती पुलिस
राजोरी के बगला गांव मे क्षतिग्रस्त मकान