बुधवार की शाम करीब 30 मिनट की मूसलाधार बारिश से शहर में चारों ओर पानी हो गया। देखते ही देखते शहर की गली और नालों में पानी का जलभराव हो गया। बारिश के साथ करीब 15 मिनट तक जोरदार ओलावृष्टि हुई। इससे फसलों को भी नुकसान हुआ है, जबकि तापमान में गिरावट आई है। बारिश ने लोगों को एक बार सहमने पर मजबूर कर दिया। इतनी तेज बारिश देखकर लोग फिर से पिछले दिनों हुई तबाही को याद करने लगे।
वहीं पीर पंजाल की पहाड़ियों और जिले के अन्य हिस्सों में बारिश करीब तीन घंटे तक हुई है। इससे इन क्षेत्रों में पहले से गिरने की कगार पर खड़े मकानों के और गिरने की आशंका बढ़ गई। सेना और जिला प्रशासन की ओर से चलाए जा रहे राहत अभियान को भी बारिश प्रभावित कर रही है। ओलावृष्टि से तापमान में भी कमी आई है। अब ठंड का जोर होने लगा है।
बुद्धल, कंडी और कोटरंका में अब तापमान 26 डिग्री तक पहुंच गया है। अगले कुछ दिनों में इन क्षेत्रो में और अधिक ठंड हो जाएगी। बारिश और ओलावृष्टि का सबसे अधिक असर धान की फसल पर हुआ है। कई क्षेत्रों में धान की फसल की मिंजर बाहर निकल गई है, जिस पर ओलावृष्टि होने से मिंजर टूट गई हैं। जिससे धान की फसल को नुकसान हुआ है। मक्की की फसल पहले से ही बारी बारिश की भेंट चढ़ चुकी है। अब धान की फसल पर भी बारिश अपना कहर बरपा रही है। अगर एक दो बार और ओलावृष्टि हुई तो फसल को नुकसान होगा।