जिला अस्पताल और स्वास्थ्य केंद्रों पर भी मरीजों को हुई परेशानी, कर्मचारियों ने मांगें पूरी करने को किया प्रदर्शन
संवाद न्यूज एजेंसी
राजोरी/पुंछ। नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) के कर्मचारियों की हड़ताल से राजोरी और पुंछ जिले में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित रहीं। इस बीच कर्मचारियों ने अपनी मांगों को 72 घंटे के भीतर पूरा करने की मांग उठाई। अन्यथा हड़ताल को आगे भी जारी रखने की चेतावनी दी।
जिले के लगभग सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर एनएचएम कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। बुधवार को कर्मचारियों के हड़ताल रहने के कारण कई स्थानों पर स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन पर सीधा असर पड़ा। विशेष रूप से उन स्वास्थ्य केंद्रों में स्थिति अधिक गंभीर रही, जहां अधिकांश अथवा केवल एनएचएम कर्मी ही तैनात हैं। ऐसे केंद्रों पर स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने से दूर-दराज क्षेत्रों से आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
एनएचएम कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर बुधवार से 72 घंटे की यूटी स्तरीय हड़ताल शुरू की है। कर्मचारियों का कहना है कि उनकी विभिन्न मांगें लंबे समय से लंबित हैं और बार-बार मांग उठाने के बावजूद उनका समाधान नहीं किया गया, जिसके चलते उन्हें हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा। जम्मू-कश्मीर में एनएचएम कर्मचारियों की इस 72 घंटे की हड़ताल का आह्वान पहले ही किया गया था।
राजोरी जिले में बुधवार को हड़ताल के पहले ही दिन स्वास्थ्य सेवाओं पर इसका स्पष्ट असर दिखाई दिया। जिन स्वास्थ्य संस्थानों में नियमित विभागीय स्टाफ की संख्या सीमित है और एनएचएम कर्मियों पर अधिक निर्भरता है, वहां मरीजों को सबसे अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
सुंदरबनी में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित
सुंदरबनी। एनएचएम कर्मचारियों की प्रदेशव्यापी हड़ताल के चलते सुंदरबनी उपजिला अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हुईं और मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की लंबी कतारें देखने को मिलीं, जिससे इलाज के लिए पहुंचे लोगों को काफी इंतजार करना पड़ा। कर्मचारियों का कहना है कि वे पिछले लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर सरकार और स्वास्थ्य विभाग के समक्ष आवाज उठा रहे हैं, लेकिन अभी तक उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं किया गया है। प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों में संध्या शर्मा, डॉ. अर्जुन, रंजीत शर्मा, संध्या और पंकज सहित अन्य कर्मचारी शामिल रहे।
पुंछ में हड़ताल पर गए एनएचएम कर्मचारी, सेवाएं प्रभावित
पुंछ। स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत नेशनल हैल्थ मिशन कर्मचारियों ने बुधवार को वेतन वृद्धि, अवकाश सुविधा, नौकरी स्थायी करने आदि मांगों को लेकर 72 घंटे की काम छोड़ो हड़ताल शुरू कर दी। नगर स्थित राजा सुखदेव सिंह जिला अस्पताल परिसर में सैकड़ों कर्मचारियों ने जिलाध्यक्ष एनएचएम एम्पलाइज एसोसिएशन सज्जाद अहमद, रोहित शर्मा और डाॅ. अमित कौर की अगुवाई में अपनी मांगों को लेकर दिन भर धरना देकर प्रदर्शन किया। वहीं प्रदर्शनकारियों ने इस बात की धमकी दी कि अगर 72 घंटे में मांगे पूरी नहीं कीं तो हड़ताल आगे बढ़ाई जाएगी। रोहित शर्मा ने इस बात का आरोप लगाया कि 90 प्रतिशत स्वास्थ्य सेवाएं एनएचएम कर्मचारियों द्वारा सुचारू रूप से चलाए जाने के बाद भी सरकार ने हर बार कर्मचारियों के साथ अन्याय ही किया है। उधर, हड़ताल के कारण जिले भर में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित रहीं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों से लेकर उप जिला और जिला अस्पताल में आने वाले मरीजों के साथ ही अस्पतालों में भर्ती मरीजों को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। संवाद
नौशेरा में हड़ताल से मरीजों को हुई परेशानी
नौशेरा। उपजिला अस्पताल में बुधवार को आल जम्मू एंड कश्मीर नेशनल हेल्थ मिशन एसोसिएशन के बैनर तले एनएचएम के ब्लॉक प्रधान शिव कुमार दत्ता की देखरेख में सभी कर्मचारियों ने मांगों को लेकर 72 घंटे के लिए कम छोड़ो हड़ताल शुरू की। हड़ताल के चलते मरीजों को कॉफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। प्रधान शिव कुमार दत्ता, उपप्रधान कौशल शर्मा, सचिव राविकांत ने बताया सरकर की अनदेखी के चलते हमें मजबूर होकर कम छोड़ो हड़ताल करनी पड़ी। पिछले कई वर्षों से एनएचएम कर्मचारियों को स्थायी करने की मांग की जा रही है। कोविद-19 के चलते, ऑपरेशन सिंदूर के चलते, या फिर अन्य आपातकालीन स्थिति में भी हम 24 घंटे ड्यूटी निभा रहे हैं। सीमावर्ती क्षेत्रों में स्वास्थ्य केंद्रों में जान जोखिम में डालकर ड्यूटी कर रहे हैं। स्थायी कर्मचारियों के बराबर काम करने के बावजूद हमारा हक नहीं दिया जा रहा है। जब तक हक हमें नहीं मिलता तब तक हमारी लड़ाई जारी रहेगी। इस मौके पर गोरखी देवी, त्रिवेंद्र कौर, डॉ. प्राकृति शर्मा, डॉ. अमित मेनी समेत काफी संख्या में कर्मचारी मौजूद रहे। संवाद