राजोरी। जिला चिकित्सालय में डेंगू बुखार से निपटने के लिए जीएमसी अस्पताल प्रशासन ने कमर कस ली है। डेंगू से बचाव केलिए अस्पताल में अलग से वार्ड तैयार कर लिया गया है। इसे लेकर जीएमसी में मुफ्त डायगनोस्टिक सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
हालांकि डाक्टरों का कहना है कि अभी तक जीएमसी अस्पताल में डेंगू का कोई भी मरीज नहीं आया है। बुखार से पीड़ित कुछ मरीज जरूर अस्पताल में आए थे, लेकिन उनमें डेंगू का बुखार के लक्षण नहीं पाए गए थे। जीएमसी एवं एसोसिएटेड अस्पताल इस बार पहले से ही मुस्तैद है कि अगर कोई डेंगू बुखार से पीड़ित मरीज आया तो उसका सही समय पर ट्रीटमेंट किया जा सके। कुछ समय पहले राजोरी के सुंदरबनी में डेंगू से एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। इसके कारण लोगों में दहशत पैदा हो गई थी। डेंगू ने प्रशासन की भी नींद उड़ा दी थी। इसको मद्देनजर जिला जीएमसी ने कमर कस ली है। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. महमूद अहमद ने बताया कि डेंगू जांच के लिए जीएमसी में मुफ्त डायगनोस्टिक सुविधा उपलब्ध करने के साथ अन्य जरूरी कदम उठाए जा रहे, लेकिन इस से बचने के लिए खुद सावधानी बरती जाना ज्यादा जरूरी है।
आसपास पानी एकत्रित न होने दें सोते समय मच्छर दानी का जरूर इस्तेमाल करें। बुखार आने पर चिकित्सक से सलाह करने के बाद ही दवा का इस्तेमाल करें। जल जमाव वाले इलाकों में केरोसिन या जले मोबिल का छिड़काव करें। तरल पदार्थ का सेवन करें। उन्होंने बताया कि डेंगू से बचने का सबसे बेहतर तरीका मच्छर को पनपने न दिया जाए और इससे बचा जाए। जीएमसी
डेंगू से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। जीएमसी में कोई मरीज डेंगू से पीड़ित आता है तो इसके लिए अस्पताल ने मुकम्मल व्यवस्था कर ली गई है।