राजोरी। बाढ़ नियंत्रण एवं सिंचाई विभाग बुद्धल स्थित सिंचाई नहर को बनाए रखने में विफल रहा है। इसलिए बुद्धल-केवल में कृषि उत्पादन काफी प्रभावित है। किसान खेतों को बाल्टी से पानी लाकर सींच रहे हैं।
सामाजिक कार्यकर्ता और सरपंच फारूक इंकलाबी ने बताया कि बुद्धल-केवल की भूमि सिंचाई नहर को इसके आसपास के गांवों जैसे तरन, केवल ऊपरी, गब्बर आदि में 500 हेक्टेयर से अधिक कृषि की सिंचाई के लिए चालू किया गया, लेकिन नहर वर्तमान में निष्क्रिय है। किसान बाल्टी में पानी लाकर खेतों की सिंचाई करने के लिए मजबूर हैं। तीन साल से सिंचाई विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से नहर को ठीक करने का आग्रह किया जा रहा है, लेकिन कोई गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। बाढ़ के दौरान नहर को नुकसान से बचाने के लिए नहर की दीवारों को पक्का किया जाना चाहिए था। सिंचाई की व्यवस्था न होने के कारण कृषि को भारी नुकसान हो रहा है। फारूक ने उपायुक्त से बुद्धल से केवल में सिंचाई नहर की मरम्मत के लिए पर्याप्त धनराशि उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है।