शहर के मुख्य बस अड्डे स्थित नगरपालिका के गेस्ट हाउस की हालत इतनी जर्जर है कि चार कमरों का भवन गिरने के कगार पर पहुंच गया है। करीब 30 वर्ष पहले बनाए गए गेस्ट हाउस में चार कमरों के साथ शौचालय की सुविधा भी रखी गई थी।
पिछले 10 वर्षों से किसी को भी गेस्ट हाउस की याद नहीं आई। भवन के चारों कमरों के अंदर बहुत अधिक गंदगी पड़ी हुई है और दीवारों की खस्ता हालत देख कर यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि शहर को साफ-सुथरा रखने वाली नगरपालिका के अपने ही घर में साफ सफाई नहीं की जा रही है। कमरों में चूहों और अन्य कीड़े मकोड़ों ने अपने घर बना लिए हैं।
दो मंजिला भवन के नीचे तीन दुकानें बनाई गई थीं और दुकानों के ऊपर चार कमरों के गेस्ट हाउस का निर्माण किया गया था। तीनों दुकानों को नपा द्वारा किराए पर दिया गया है, जबकि गेस्ट हाउस को न तो किराए पर दिया गया है और न ही
उसकी साफ-सफाई करवाई जाती है।