शहर के साथ-साथ जिले के पहाड़ी इलाकों में बिजली की अघोषित कटौती से लोगों में रोष बढ़ता ही जा रहा है। लोगों ने बिजली विभाग के खिलाफ कड़ा रोष प्रकट करते हुए जल्द कटौती पर रोक लगाने की मांग की है।
स्थानीय निवासी अतुल शर्मा ने बताया कि हर घंटे में दस बार बिजली आती-जाती है। इससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने के साथ-साथ व्यापार पर भी बुरा प्रभाव पड़ रहा है।
पूरे दिन में केवल तीन या चार घंटे ही बिजली रहती है, लेकिन किराया पूरे महीने का वसूला जाता है। इबरार खान ने कहा कि बिजली कटौती के चलते कालेज और स्कूल विद्यार्थियों की पढ़ाई बुरी तरह से प्रभावित हो रही है।
कालेज विद्यार्थियों की परीक्षाएं चल रही हैं और अगले महीने 10वीं और 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों की वार्षिक परीक्षाएं भी शुरू होने वाली हैं। बिजली की बार-बार कटौती से विद्यार्थियों को पढ़ाई करने में बहुत दिक्कतें पेश आ रही हैं।
बिजली कटौती के चलते व्यापारियों में भी कड़ा रोष है। व्यापार मंडल प्रधान राजेश गुप्ता ने कहा कि बार-बार बिजली के चले जाने से विशेष कर मोबाइल और इलेक्ट्रानिक का व्यापार करने वालों का कारोबार प्रभावित हो रहा है।उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ही बिजली की अघोषित कटौती पर रोक नहीं लगाई तो लोग सड़कों पर उतर कर उग्र प्रदर्शन का सहारा लेंगे।