सितंबर 2014 में आई विनाशकारी बाढ़ और मूसलाधार बारिश से जिले में कई मकान तबाह हो गए थे। सरकार ने जिले के बेघर और बाढ़ पीड़ितों के पुनर्वास के लिए फंड जारी करने के लिए तमाम दावे तो किए, लेकिन आज भी मंजाकोट तहसील के सीमावर्ती गांव पंजग्राई में करीब 12 परिवार ऐसे हैं जो इस भीषण ठंड में भी टेंट में रहने को मजबूर हैं।
इन्हें अभी भी सरकारी मदद का इंतजार कर रहे हैं। बाढ़ प्रभावित मोहम्मद बशीर, सज्जाद अहमद, रशीद चौधरी, जाकिर हुसैन आदि ने बताया कि उनका घर बीते वर्ष आई भयानक बाढ़ में तबाह हो गया। उन्होंने मदद के इंतजार में टेंट में रहना शुरू कर दिया।
टेंट में तमाम दिक्कतों के बाद उन्होंने पिछली ठंडी तो निकाल दी लेकिन अब इस भीषण ठंड में टेंट में रहना अब संभव नहीं है। आने वाले दिनों में जैसे जैसे ठंड बढ़ती जाएगी उनके परिवार की मुश्किलें भी बढ़ती जाएगी। टेंट में ठंड लगने की वजह से कई बच्चे और बुजुर्ग बीमार पड़ गए हैं। उन्होंने सरकार से गुहार लगाते हुए कहा कि सरकार उनकी जल्द मदद करके उन्हें राहत दिलाए।