कश्मीर घाटी में हिजबुल के कुख्यात आतंकी बुरहान वानी के सुरक्षा बलाें के हाथों मारे जाने के बाद पैदा हुए हालात को लेकर वीरवार को राजोरी में बंद का आह्वान किया गया था।
मुस्लिम समुदाय द्वारा राजोरी बंद का असर मिलाजुला देखने को मिला। मुस्लिम समुदाय के लोगों ने शहर के गुज्जर मंडी, मुख्य बाजार, खेवरा, पांजा चौक, सलानी आदि क्षेत्रों में
अपनी दुकानें बंद रखीं। शहर की सड़कों पर भी वाहनों की आवाजाही पर कोई खास रोक देखने को नहीं मिली। अपने निजी वाहनों के साथ यात्री वाहनों को दौड़ते देखा गया।शहर के
विभिन्न स्थानों को शहर से जोड़ने वाले सभी रूटों पर आटो और मेटाडोरों को चलते देखा गया। वहीं बंद के दौरान कहीं से भी कोई धरना प्रदर्शन की खबर नहीं आई। लोगों ने केवल
अपनी दुकानें बंद करके ही कश्मीर घाटी में अमन का संदेश दिया है। जिला मजिस्ट्रेट द्वारा लगाई गई धारा 144 का भी पूरा असर देखने को मिला। कहीं से भी मजिस्ट्रेट के आदेश के
उल्लंघन की कोई खबर नहीं है। उधर जिले के दरहाल, बुद्धल, कोटरंका क्षेत्रों में भी मुस्लिम समुदाय के लोगों ने दुकानें बंद की व प्रदर्शन किया। कोटरंका में समुदाय ने करीब तीन
घंटे तक राजोरी-बुद्धल सड़क मार्ग जाम कर प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने कश्मीर घाटी में निहत्थे युवकों पर गोलियां चलाना व पैलट गन का प्रयोग बंद करने की
गुहार लगाई। बुद्धल और दरहाल में भी विरोध प्रदर्शन के दौरान घाटी में हालात सामान्य बनाने पर बल दिया गया।