राजोरी। उपायुक्त अभिषेक शर्मा ने पीडब्ल्यूडी डाकबंगला में जिला स्तरीय समीक्षा समिति (डीएलआरसी) की बैठक की अध्यक्षता की, इसमें बैंकों के प्रदर्शन का आकलन किया गया और जिले में प्रमुख सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की गई।
डीसी ने ऋण से जुड़ी योजनाओं के तहत मामलों के निपटान की समीक्षा की और बैंकों को आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए विशेष रूप से प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में समय पर वित्तीय सहायता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
क्रेडिट डिपॉजिट (सीडी) अनुपात जो 55 प्रतिशत है, उसके सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने वित्तीय संस्थानों से अपनी पहुंच और ऋण देने की दक्षता बढ़ाने का आग्रह किया।
बैठक का मुख्य ध्यान पशुपालन, भेड़पालन और मत्स्य पालन के लिए किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) योजना के कार्यान्वयन पर था। उपायुक्त ने इन क्षेत्रों में लगे किसानों और उद्यमियों को लाभ पहुंचाने पर बल दिया।
प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम औपचारिकीकरण (पीएमएफएमई) योजना की समीक्षा करते हुए, यह पाया गया कि 719 प्रायोजित मामलों में से 272 मामलों का वितरण किया गया है। इसी तरह, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) के तहत, 719 प्रायोजित मामलों में से 272 का वितरण किया गया, जबकि राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन (एनयूएलएम) के तहत 126 मामलों में से 62 का वितरण किया गया।
डीसी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे जागरूकता अभियान तेज करें ताकि अधिकतम जन भागीदारी सुनिश्चित हो और इन योजनाओं के तहत वित्तीय लाभ तक आसान पहुंच हो। बैठक में एडीडीसी डॉ. राजकुमार थापा, जीएम डीआईसी फरीद कोहली, सीपीओ मकसूद अहमद, लीड बैंक मैनेजर संजीव भसीन, डीडीएम नाबार्ड चंदर शर्मा, सीएएचओ डॉ खालिद हुसैन और विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि मौजूद थे।