नौशेरा। दिव्य ज्योति जागृति संस्थान की तरफ से समस्त क्षेत्र निवासियों के सहयोग से चल रही शिव कथा में सोमवार को श्री आशुतोष महाराज की शिष्या साध्वी सुमेधा भारती ने कहा कि प्रभु शिव अक्सर माता सती को साथ में लेकर अगस्त्य ऋ षि के आश्रम में जाकर पावन कथा का श्रवण करते हैं। समस्त मानव जाति को प्रभु की कथा की महत्ता बताते हैं। भगवान शिव कहते हैं कि इस संसार में ईश्वर की भक्ति जीवन में नहीं करना सबसे बड़ी हानि है। जहां प्रभु की कथा मानव मन को भक्ति की तरफ अग्रसर करती है।
कथा वाचक ने कहा कि कथा मन में उठने वाले नकारात्मक विचारों को समाप्त करती है। इसे गोस्वामी जी ने संसार रूपी पक्षियों को उड़ाने वाली ताली के समान कहा है। प्रभु की कथा एक ऐसा दर्पण है, जिसमें इंसान अपने अस्तित्व को देख पाता है, और अपनी मानसिक कुरूपता को भी दूर कर सकता है। गीता में भगवान कृष्ण कहते हैं कि ईश्वर के जन्म और कर्म दोनों ही दिव्य होते हैं। जिन्हें समझने के लिए तत्वज्ञान नितांत आवश्यक है। जिसे एक सच्चे संत के द्वारा प्रदान किया जाता है।
कथा में साध्वी जगदीशा भारती, साध्वी ज्योति भारती के द्वारा सुंदर भावपूर्ण भजनों का गायन किया गया। कार्यक्रम के दौरान स्वामी सुचेतानंद, स्वामी सुकर्म आनंद, शिव कुमार, तहसीलदार विजय सूरी, पुरुषोत्तम शर्मा, सरोज वर्मा मौजूद रहे। संवाद