शहीदों को सलामी देते सेना के अधिकारी।
नौशेरा। सेना ने परमवीर चक्र विजेता नायक जदुनाथ सिंह एवं अन्य असंख्य शहीदों की बहादुरी और बलिदान को स्मरण करते हुए जदुनाथ स्मारक पर कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम में सैन्य वैभव और देशभक्ति के जज्बे की एक सच्ची झलक थी।
नायक जदुनाथ और उनकी टोली द्वारा नौशेरा के ताई टॉंप पर पिकेट नंबर-2 में दिखाई गई वीरता इतिहास के भीषण युद्धों में से एक है। शत्रु, नायक जदुनाथ सिंह के सेक्शन से बहुत अधिक संख्या में होने के बावजूद भी उनकी इच्छा शक्ति और दृढ़ संकल्प को नहीं तोड़ पाया। नायक जदुनाथ सिंह और उनके सेक्शन द्वारा दिखाई गई वीरता ने नौशेरा के मजबूत रक्षा कवच की नींव रखी और इस जीत ने 1947-48 के युद्ध का रुख ही मोड़ दिया। शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पण समारोह एवं सैन्य बैंड की उत्कृष्ठ प्रस्तुति ने नौशेरा के उपस्थित लोगों में देश भक्ति के भाव जगा दिए। इस अवसर पर जीओसी व्हाइट नाइट कोर, जीओसी ऐस ऑफ स्पेड्स, कमांडर नौशेरा ब्रिगेड व अन्य उपस्थित रहे।
नौशेरा तहसील से आए दिव्यांगों के लिए चिकित्सा शिविर, कृत्रिम अंग दान शिविर लगाया गया। इसमें 19 व्हील चेयर, 18 कृत्रिम अंग, 2 वैशाखी, 14 हियरिंग एड्स एवं 16 ब्लाइंड स्टिक्स का वितरण किया गया। कार्यक्रम का समापन क्षेत्र की वीर नारी तथा ग्लेंटरी अवार्ड विजेता के सम्मान के साथ हुआ। जवानों के हैरतअंगेज कर्तव्य देखकर लोग आश्चर्यचकित हुए। खोजी कुत्तों व घुड़सवार जवानों ने भी कर्तव्य दिखाए। पैराशूट लैंडिंग को देखकर बच्चे उत्साहित हुए। इस दौरान सैन्य सिनेमाघर में स्कूली बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया। मुख्य अतिथि ने बच्चों का मनोबल बढ़ाने के लिए सम्मानित किया।
लोगों को नौशेरा की लड़ाई पर बनी एक फिल्म भी दिखाई गई। कार्यक्रम में सैन्य, नागरिक प्रशासन और स्थानीय लोगों के बीच संबंधों पर प्रकाश डाला गया।