नौशेरा। शिव मंदिर हंजाना मे चल रही श्रीमद्भागवत कथा में आचार्य संजीव लोचन ने बताया कि अहंकार भगवान की भक्ति से दूर कर सकता है। मनुष्य में चाहे जाति का अहंकार हो, चाहे रूप, बल या धन का। देवराज इंद्र को इंद्रासन का अहंकार हो गया था। भगवान श्रीकृष्ण ने इंद्र की पूजा बंद करा कर गोवर्धन की पूजा कराते हैं। देवराज इंद्र को संत मार्ग पर लाकर प्राकृतिक के नियम पर चलने का आदेश देते हैं। हम सबको चाहिए कि छल कपट कर चंद सुख के चक्कर में अहंकार करके अपने आपको भगवान की भक्ति से विमुख न करें। मनुष्य जन्म बार-बार नहीं मिलेगा।
कथा स्थल पर गोवर्धन महाराज की झांकी निकाल कर पूजा की गई। भजन सुन कर भक्त निहाल हुए। कथा सुनने नौशेरा, जांबा, थाती, राजीव, हंजाना, बगनोटी, गगरोट, सेरी आदि से श्रद्धालु पहुंचे।