राजोरी। जिले के कंडी चिकित्सा ब्लॉक के दूर दराज पिछड़े इलाकों में कोविड वैक्सीनेशन के लिए स्वास्थ्य कर्मियों को अपनी जान हथेली पर रख कर जाना पड़ रहा है। उक्त चिकित्सा ब्लॉक के कई ऐसे दूर दराज के गांव हैं जहां सड़क संपर्क नहीं है। स्वास्थ्य कर्मियों को ऐसे गांवों में पहुंचने के लिए पैदल यात्रा करनी पड़ती है।
बीएमओ कंडी डॉ. इक़बाल मालिक के अनुसार इन दिनों बरसात शुरू हो चुकी है। दूरदराज के इलाकों तक पहुंचने के लिए स्वास्थ्य कर्मियों को जान हथेली पर लेकर जाना पड़ रहा है। दूर दराज के गांवों तक जाने के लिए रास्ते में कई नाले पड़ते हैं। बरसात के दिनों में इनमें जलस्तर बढ़ जाता है। नाले के बीच से गुजर पाना जानलेवा साबित होता है। उसके बावजूद स्वास्थ्य कर्मी वैक्सीनेशन के लिए जान हथेली पर लेकर नदी नाले पार कर रहे हैं। लोगों को कोरोना जैसी महामारी से बचा रहे हैं। बीएमओ डॉ. मालिक के अनुसार उक्त ब्लॉक के फ्रंटलाइन वर्करों की कड़ी मेहनत के चलते लोगों को जानलेवा बीमारी से बचाने के लिए दिन रात कड़ी मेहनत की जा रही है।
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कई स्थानों पर लोग नहीं देते सहयोग
वैक्सीनेशन के लिए जहां एक तरफ स्वास्थ्य कर्मियों को अपनी जान हथेली पर रख कर जाना पड़ रहा है। वहीं दूसरी ओर दूरदराज के इलाकों में लोग वैक्सीनेशन के लिए सामने भी नहीं आ रहे हैं। ऐसे में स्वास्थ्य कर्मियों की सारी मेहनत पर पानी फिर जाता है। कंडी चिकित्सा ब्लॉक के कुछ गांवों में वैक्सीनेशन करने गए कर्मियों के साथ गाली गलोच और मारपीट के मामले भी सामने आ चुके हैं। उसके बावजूद स्वास्थ्य कर्मी ड्यूटी में कोई कोताही नहीं बरत रहे और जी जान से ड्यूटी कर लोगों को कोरोना महामारी से बचाने में जुटे हैं।