राजोरी उपायुक्त कार्यालय में तैनात ज्यूडिशियल
क्लर्क को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। आरोप है कि क्लर्क ने
सरकारी कार्यों में गड़बड़ी की है। कार्रवाई करते हुए क्लर्क के कमरे में
रखे सभी दस्तावेज सील कर दिए गए हैं, जबकि क्लर्क फरार बताया जा रहा है।
उपायुक्त
राजोरी जतिंदर सिंह शहर से बाहर हैं, उनके वापस आते ही कमरे में रखे गए
सभी दस्तावेज एवं कागजातों की जांच की जाएगी। जानकारी के अनुसार,
ज्यूडिशियल क्लर्क आजम दीन के खिलाफ मिली शिकायतों के चलते एडीसी राजोरी
सलीम मलिक ने जांच की। इसमें उसके खिलाफ कई सबूत मिले हैं।
मलिक का
कहना है कि जांच बैठा दी गई है। उसने क्या गड़बड़ी की है, यह जांच के बाद
ही पता चल पाएगा। सूत्रों की मानें तो फर्जी गन लाइसेंस बनाने, फर्जी
दस्तावेज तैयार करने में क्लर्क ने सरकारी मुहरों और बड़े अधिकारियों के
हस्ताक्षरों का भी इस्तेमाल किया है।