जिले की कोटरंका व बुद्धल तहसील में मवेशियों को मोखर बीमारी अपनी चपेट में ले रही है। इससे पशुपालकों में दहशत हैं। प्रशासन व पशुपालन विभाग ने अभी तक इस मामले में कोई कदम नहीं उठाया है।
जानकारी के अनुसार दोनों तहसीलों के कुछ गांवों में घरेलू पशु मोखर नामक किसी बीमारी का शिकार हो रहे हैं। अभी तक काफी संख्या में मवेशी इस बीमारी की चपेट में आ चुके हैं।
कंथोल गांव के सरपंच सलीम अहमद के अनुसार गांव में भारी संख्या में घरेलू मवेशी मोखर नामक बीमारी के शिकार हो रहे हैं, जबकि केरी, सामना माल आदि गांवों में भी यह बीमारी मवेशियों को अपनी चपेट में ले रही है। सरपंच कंडी नजीर हुसैन के अनुसार मोखर पहले पशुओं के पैरों और मुंह पर नमूदार होती है और इससे पशुओं को सख्त बुखार होने लगता है और यदि समय पर उपचार न मिले तो पशुओं की मौत होने की आशंका बनी रहती है।
सरंपचों ने जिला प्रशासन तथा पशुपालन विभाग के प्रति रोष प्रकट करते हुए कहा कि अभी तक किसी ने हमारी सुध नहीं ली है। इन क्षेत्रों में ज्यादातर लोगों का व्यवसाय पशुपालन है। इसलिए यदि समय रहते पशुपालन विभाग कदम नहीं उठाता है तो पशुपालकों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा।
सरपंच नजीर हुसैन ने बताया कि कोटरंका स्थित पशुपालन अस्पताल में केवल चौथी श्रेणी के कर्मचारी ही मिलते हैं। डाक्टर या अन्य कर्मी नजर ही नहीं आते हैं। उन्होंने प्रशासन तथा विभाग से गुहार लगाते हुए कहा कि तुरंत उपचार के लिए कदम उठाए जाएं।
इस संदर्भ में एसडीएम कोटरंका सुखपाल सिंह से बात करने पर उन्होंने बताया कि संबंधित विभाग से बात कर जल्द ही विशेष टीमें विभिन्न गांवों में भेज उपचार किए जाएंगे।