शहीद औरंगजेब के दो भाई सेना में भर्ती होने के बाद अपनी मां के साथ।
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राजोरी। शहीद जवान औरंगजेब याद हैं न आपको। सोमवार उनके परिवार के लिए एक और यादगार दिन था। औरंगजेब के दो भाई उनकी शहादत का बदला लेने के लिए सेना में शामिल हो गए। सोमवार को टेरिटोरियल आर्मी की एनरोलमेंट परेड में मोहम्मद तारिक और मोहम्मद शब्बीर के माता-पिता भी मौजूद थे। गर्व के इन क्षणों में शहीद के पिता मोहम्मद हनीफ ने कहा कि उन्होंने अपने एक बेटे की शहादत का बदला लेने के लिए दो बेटों को सेना में भेजा है।
सीमावर्ती पुंछ जिले के तहसील के सलोनी निवासी सेना के शहीद जवान औरंगजेब के दोनों भाई इसी साल मार्च में सुरनकोट में आयोजित भर्ती रैली में शामिल हुए थे। इसमें 11 हजार से अधिक उम्मीदवार थे परंतु केवल 101 का चयन किया गया। इन्हीं में यह दो नौजवान भी शामिल थे।
सोमवार को शहर के पलमा इलाके में सेना की काउंटर इंसर्जेंसी फोर्स (रोमियो) के तत्वावधान में 156 इन्फैन्ट्री बटालियन टेरिटोरियल आर्मी द्वारा रंगरूटों की एनरोलमेंट परेड में मौजूद मोहम्मद हनीफ ने कहा, अपना एक बेटा देश की सेवा में खोया है।
अब दोनों बेटों को उस शहीद की मौत का बदला लेने के लिए सेना में भर्ती कराया है। पिता ने कहा कि जब तक उनके बेटे के हत्यारे सारे आतंकवादी खत्म नहीं हो जाते उनको चैन नहीं मिलेगा।
ईद की छुट्टी पर घर लौटते समय शहीद हुए थे औरंगजेब
जून 2018 में ईद से पहले सेना की 44 आरआर के राइफल मैन औरंगजेब छुट्टियों पर पुंछ में अपने घर जा रहे थे। इस दौरान आतंकियों ने पुलवामा और शोपियां के रास्ते में उन्हें निजी टैक्सी से अगवा कर लिया था। कलमपोरा से करीब 15 किलोमीटर दूर गुस्सु गांव में अगले दिन औरंगजेब का गोलियों से छलनी शव मिला था। केंद्र सरकार ने उन्हें शौर्य चक्र से सम्मानित किया था।