राजोेरी। उपायुक्त राजोेरी विकास कुंडल ने गैर कृषि उद्देश्यों के लिए कृषि भूमि परिवर्तन के संबंध में प्रावधानों और नियमों के कार्यान्वयन पर चर्चा करने के लिए जिला स्तरीय समिति की बैठक की। जिसमें अतिरिक्त उपायुक्त ने ऑनलाइन माध्यम से जनता को प्रदान की जाने वाली सेवाओं के संबंध में जानकारी दी। जिला सूचना विज्ञान अधिकारी ने अफसरों को ऑनलाइन माध्यम से आवेदकों के पक्ष में अनापत्ति प्रमाण पत्र देने/अस्वीकार करने की प्रक्रिया से अवगत कराया।
बैठक में बोलते हुए डीसी ने संबंधित सदस्यों को भूमि परिवर्तन के तहत दस्तावेजों और नियमों के उचित सत्यापन के बाद आवेदकों को समय पर एनओसी जारी करना सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने अधिकारियों को आवेदनों के निपटाने से पहले फील्ड प्रमाण प्राप्त करने की भी सलाह दी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि आवेदकों को समय पर एनओसी देने के लिए सभी अधिकारियों को आईडी और पासवर्ड जारी किया जाए। डीआईओ एनआईसी ने बताया कि लॉगिन बनाया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि चूंकि यह पीएसजीए के तहत आता है, इसलिए इसमें कोई हीलाहवाली नहीं बरती जाएगी। संबंधित अधिकारी को कम समय में मामले का निपटारा करना होगा।
बैठक के दौरान डीसी ने ऑनलाइन आवेदकों के पक्ष में जारी किए जा रहे एनओसी की स्थिति, ऑनलाइन प्राप्त आवेदनों के अलावा संबंधित विभागों की ओर से उनकी रिपोर्टिंग की जानकारी ली। डीआईओ एनआईसी ने बताया कि एनओसी के लिए दो आवेदन प्राप्त हुए हैं और संबंधित अधिकारियों को भेजे गए हैं।
बैठक में एडीसी सचिन देव सिंह, डीएफओ डा. अर्शदीप सिंह, डीएफओ नौशेरा नीलिमा, सीईओ आरडीए विवेक पुरी, एसई पीडब्ल्यूडी, एसई जल शक्ति जेपी सिंह, और जीएम डीआईसी अश्विनी शर्मा रहे।