राजोरी। उपायुक्त विकास कुंडल ने जिले में ठोस कचरे के प्रभावी प्रबंधन के लिए किए जा रहे प्रयास की समीक्षा के लिए अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में बताया गया कि थन्नामंडी में 10 कनाल भूमि, नौशेरा में 5 कनाल, कालाकोट में 40 कनाल और राजोेरी में 52 कनाल भूमि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन संयंत्रों की स्थापना के लिए चिह्नित की गई है। जबकि सुंदरबनी में एक ठोस अपशिष्ट प्रबंधन संयंत्र पहले से ही कार्यात्मक है।
राजोेरी में स्थापित की जा रही सामग्री वसूली सुविधाओं की प्रगति के संबंध में, संबंधितों ने अवगत कराया कि 3 एमआरएफ स्वीकृत किए गए थे, जिनमें से दो पर काम बेला कॉलोनी और सलानी में प्रगति पर है, जबकि तीसरे एमआरएफ के लिए भूमि की पहचान की जानी बाकी है। इसी प्रकार जिले की अन्य सभी नगर पालिकाओं में भी एमआरएफ की स्थापना की जा रही है।
डीडीसी ने स्वास्थ्य और पर्यावरण पर प्रतिबंधित प्लास्टिक के दुष्प्रभावों के बारे में जन जागरूकता पैदा करने और लोगों को पॉलीथिन के पर्यावरण के अनुकूल विकल्पों का उपयोग करने के लिए प्रेरित करने का निर्देश दिया। ठोस कचरा प्रबंधन पर एनजीटी के विभिन्न निर्देश पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि इसे पूरे जिले में अक्षरश: लागू किया जाए।
डीडीसी ने प्रभावी अपशिष्ट प्रबंधन के लिए लगातार प्रयास करने और पर्यावरण के संरक्षण को विकास योजनाओं का अभिन्न अंग बनाने के लिए भी कहा।