राजोरी। गांव बकोरी में दस दिन पहले आग से जली महिला की मौत पर उसके परिवार के लोगों ने शनिवार को रोष प्रकट किया। वहीं हिंदु संगठनों ने भी कड़ा रोष प्रकट करते हुए आरोप लगाया कि महिला की हत्या की गई है, जिसमें मृतका के पति और पुलिस की मिलीभगत है। परिवार के लोगों और हिंदु संगठनों ने मामले की सीबीआई जांच की मांग की।
जानकारी के अनुसार राजोरी से सटे गांव खोयास में रहने वाली शंकुतला देवी पत्नी दलीप सिंह ने कुछ वर्ष पहले गांव के ही पुलिस में तैनात मो. शब्बीर से धर्म परिवर्तन कर निकाह कर लिया था। दस दिन पहले स्टोव फटने से शकुंतला बुरी तरह झुलस गई थी, जबकि शब्बीर भी जख्मी हुआ था। उसके बाद शकुंतला देवी को जीएमसी में भर्ती करवाया, शुक्रवार को उसकी मौत हो गई। इसके बाद शंकुंतला देवी के पहले पति दलीप सिंह और शकुंतला के परिजनों ने कहा कि शकुंतला का अभी दिलीप से तलाक नहीं हुआ है, इसलिए वो उसका शव चाहते हैं। उसको दफनाने की जगाए उसका संस्कार करना चाहते हैं। जबकि शकुंतला के मौजूदा पति और ससुराल पक्ष ने कहा कि वो उसे दफनाना चाहते हैं।
मामले को गंभीर देख पुलिस ने महिला का शव अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद एसपी मुब्बसर लतीफी ने कहा कि शनिवार को दोनों पक्षों से बात की निर्णय लिया जाएगा कि शव दफनाया जाएगा या संस्कार किया जाएगा। लेकिन ऐसा हुआ नहीं। पुलिस ने शुक्रवार को ही रात करीब 12 बजे महिला के शव को दफना दिया।
बजरंग दल के संयोजक करण ठाकुर, विश्व हिंदु परिषद के प्रधान सतपाल शर्मा, समाजसेवी रंजीत तारा ने कहा कि एसपी ने आश्वासन के बावजूद शव को राताेंरात दफनाया दिया गया। इससे पता चलता है कि महिला की हत्या की गई है। शुक्रवार को महिला के पहले पति और परिजनों ने हिंदु संगठनों के साथ मिलकर डीसी से भी बात की थी। करण ठाकुर का कहना है कि महिला के तीन बच्चे भी हैं, लेकिन पुलिस ने दफनाने से पहले बच्चों को उनकी मां के अंतिम दर्शन तक नहीं करने दिए।