संवाद न्यूज एजेंसी
राजोरी/जम्मू। जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में पुलिस पर थर्ड-डिग्री टॉर्चर का झूठा आरोप लगाने और सोशल मीडिया पर गलत जानकारी फैलाने के आरोप में एक सरकारी टीचर सहित चार लोगों पर मामला दर्ज किया गया है। अधिकारियों ने वीरवार को यह जानकारी दी।
यह मामला हाल ही में वायरल हुई एक तस्वीर से जुड़ा है, जिसमें मोहम्मद आरिफ नाम का एक व्यक्ति दिख रहा था, जिसके चेहरे और मुंह के चारों ओर खून जैसे निशान थे। दावा किया गया था कि राजोरी के खवास पुलिस पोस्ट में उसे बेरहमी से पीटा गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया और उसके तीन दांत टूट गए।
पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत जांच शुरू की। बुढाल के पुलिस अधीक्षक (ऑपरेशंस) वजाहात हुसैन को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया। जांच में सामने आया कि पुलिस पिटाई की पूरी कहानी झूठी थी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरिफ के चेहरे पर खून का भ्रम पैदा करने के लिए एक रंग लगाने वाले एजेंट का इस्तेमाल किया गया था। इसका मकसद लोगों को गुमराह करना था।
जांच के बाद, बुढाल पुलिस स्टेशन में चार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। इनमें मोहम्मद आरिफ के अलावा सरफराज अहमद, शकील अहमद और मोहम्मद अशरफ (सरकारी टीचर) शामिल हैं। ये सभी खवास तहसील के गुंडी के रहने वाले हैं। पुलिस ने कहा कि इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई और जांच जारी है।