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3 शिक्षकों को किया दूसरे स्कूलों में अटेच

Mon, 30 Nov 2015 07:56 PM IST
राजोरी/अमर उजाला ब्यूरो
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लोवर हथल शिक्षा जोन के अंर्तगत पड़ने वाले सरकारी मिडल स्कूल के तीन शिक्षक अटैच कर दिए हैं। सरकारी स्कूलों में शिक्षा के स्तर को बेहतर बनाने के लिए सरकार कड़े कदम उठाने के दावे करती रहती है, लेकिन जमीनी सतह पर अभी भी सरकारी स्कूलों में पढ़ाई न के बराबर ही देखी जा रही है।
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ऐसा ही एक मामला सुदंरबनी तहसील के लोवर हथल शिक्षा जोन के अंर्तगत पड़ने वाले सरकारी मिडल स्कूल में उस समय सामने आया जब सीईओ राजोरी ने सवयं स्कूल का औचक दौरा किया। उक्त शिक्षा जोन के सरकारी मिडल स्कूल छज्जा का दौरा करने पहुचे सीईओ ने मौके पर देखा कि स्कूल में केवल 8 बच्चे ही हैं, जबकि 8 विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए 6 शिक्षक नियुक्त किए गए हैं।

सीईओ के वहां पहुंचने पर देखा गया कि सभी शिक्षक धूप में बैठ गपशप मार रहे हैं। इतना ही नहीं विद्यार्थियों से पूछे गए सवालों के जवाब भी नहीं दे पाए। पिछले दो वर्षो का रिकार्ड देखने पर पाया गया कि वर्ष 2013-14 में स्कूल में 24 विद्यार्थी थे, जबकि वर्ष 2014 15 यह संख्या घट कर मात्र 14 पहुंच गई। वहीं इस स्तर में स्कूल में केवल आठ ही विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया।
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मामले का कड़ा संज्ञान लेते हुए सीईओ ने तीन शिक्षकों मलकियत सिंह (एमएससी गणित) को मोगला शिक्षा जोन के हाई स्कूल ढलेरी में, हरजीत कोर (एमएससी बॉटनी) को हाई स्कूल डरून में और गुलशन कुमार को प्राइमरी स्कूल राजगड़ मे अटैच करने के निर्देश जारी कर दिए। सीईओ ने स्कूल में बचे अन्य तीन शिक्षकों को बच्चों की पढा़ई में सुधार लाने के साथ साथ एनरोलमेंट में वृद्दि करने के निर्देश भी दिए।

वहीं सीईओ ने सभी शिक्षकों के वेतन रोकने के निर्देश भी जारी किए हैं। वहीं सीईओ राजोरी अल्ताफ हुसेन ने बताया कि एक्त स्कूल में आई कमरे, कन्याओं व लड़कों के लिए अलग अलग शौचालय, पुस्तकालय तथा अन्य सभी सुविधाएं होने के बावजूद न तो स्कूल मे नियुक्त शिक्षक एनरोलमेंट में वृद्दि कर पाए और न ही बच्चों को बहतर पढ़ाई करवा पाए। शिक्षकों की लापरवाही के कारण ही हर वर्ष स्कूल में बच्चों की संख्या घटती जा रही है।
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