स्कूलों में सुधार लाने के लिए जिले के 28 सरकारी मिडिल स्कूलों का विलय नजदीकी हायर सेकेंडरी स्कूलों में किया है। शिक्षा विभाग ने ऐसे सभी सरकारी स्कूलों का विलय करने के निर्देश जारी किए थे, जिनमें विद्यार्थियों की संख्या बहुत कम है।
जिले में शिक्षा विभाग पहले ही करीब दो सौ प्राइमरी स्कूलों का विलय कर चुका था। कुछ दिन पहले शिक्षा मंत्री नईम अख्तर ने राजोरी दौरे में कई सरकारी स्कूलों में बच्चों से सवाल पूछे थे। कुछ स्कूलों में बच्चों ने बेहतर प्रदर्शन किया था तो मंत्री ने शिक्षकों को पुरस्कारों से भी नवाजा, लेकिन अधिकतर स्कूलों का कामकाज संतोषजनक नहीं पाया गया।
मंत्री से मुलाकात कर कई लोगों ने स्कूलों में रिक्त पड़े पदों को भरने की भी अपील की थी। मंत्री ने सीईओ राजोरी को आदेश जारी किए थे कि ऐसे सभी स्कूलों को निकट के स्कूलों के साथ विलय कर दिया जाए जहां पर विद्यार्थियों की संख्या कम है और पढ़ाई भी संतोषजनक नहीं है।
इसके बाद सीईओ राजोरी अल्ताफ हुसेन ने मंत्री के आदेशों का पालन करते हुए जिले के विभिन्न क्षेत्रों के 28 सरकारी मिडिल स्कूलों का विलय निकट के हायर सेकेंडरी स्कूल में कर दिया है। सीईओ ने बताया कि सरकारी मिडिल स्कूल गंभीर मुगलां, देरी रलयोट, ककोड़ा, थन्नामंडी, फतेहपुर, दरहाल, डंडकोट, चिंगस, ससालकोट, पीड़ी, समोट, बुद्धल , कंडी, नौशेरा, सुंदरबनी, सोलकी, ढांगरी मोगला, त्रियाठ, सेरी, खवास, बाजाबाईं, कलसियां, बवानी, लंबेड़ी, सियालसुई, कोटरंका और केवल के स्कूलों का विलय कर दिया गया है।
इन सभी स्कूलों के बच्चों को निकट के हायर सेकेंडरी स्कूल में प्रवेश किया गया है, जबकि शिक्षकों को उन स्कूलों मे भेजा गया है, जहां पर शिक्षकों के पद रिक्त पड़े थे।