कोरोना संकट के कारण उधमपुर जिले के सैकड़ों सरकारी स्कूल व आंगनबाड़ी सेंटर में पानी के कनेक्शन नहीं लग सके हैं। इसके लिए सरकार की तरफ से विशेष तौर पर फंड जारी किए थे। टेंडर जारी करने को लेकर अधिसूचना भी जारी कर दी गई। इससे पहले की कोई टेंडर भर कर काम शुरू करता प्रदेश में कोरोना संकट बढ़ने पर काम अधर में लटक गया।
जिला उधमपुर में सैकड़ों सरकारी स्कूल व आंगनबाड़ी सेंटर पानी की सुविधा से महरूम हैं। यह सभी सरकारी स्कूल व आंगनबाड़ी सेंटर दूरदराज ग्रामीण इलाकों में स्थित हैं। पानी की सुविधा न होने के कारण हर वर्ष इनमें विद्यार्थियों के साथ स्टाफ को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
सरकारी स्कूलों में तो पानी न होने के कारण मिड-डे-मील बनाने का काम भी बुरी तरह से प्रभावित होता है। विद्यार्थी घरों से पानी लाकर पीने को मजबूर होते हैं और स्टाफ का भी यही हाल होता है। इसी तरह से आंगनबाड़ी सेंटर में भी पानी की कमी के कारण कई तरह की परेशानियां सामने आती है। इस परेशानी को दूर करने के लिए सरकार की तरफ से विशेष तौर पर फंड जारी किए गए।
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1.55 करोड रुपये में लगने हैं कनेक्शन
जिले के 112 सरकारी स्कूलों के लिए 83 लाख रुपये की राशि जारी की गई है, जबकि 319 आंगनबाड़ी सेंटर के लिए 1.55 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। इनके जरिए जल्द से जल्द पानी कनेक्शन लगाने थे। जलशक्ति विभाग ने राशि मिलने के बाद इसके लिए टेंडर जारी करने की अधिसूचना भी जारी कर दी।
टेंडर भरने की प्रक्रिया चल ही रही थी कि पूरे देश में कोरोना संकट बढ़ गया और टेंडर की प्रक्रिया भी लटक गई। लेकिन अब जलशक्ति विभाग ने फिर से इसकी प्रक्रिया को शुरू किया है। मौजूदा समय में सरकारी स्कूल व आंगनवाड़ी सेंटर बंद है। इसलिए कोई परेशानी नहीं है, लेकिन जब यह खुलेंगे और अगर पानी के कनेक्शन नहीं लगे तो फिर से पहले की तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
कोरोना संकट के हालात में सुधार होने पर टेंडर प्रक्रिया को शुरू कर दिया है। पूरा प्रयास किया जा रहा है कि सप्ताह तक टेंडर जारी कर दिए और इसको लेकर काम शुरू हो जाए।
- मोहम्मद ताज चौधरी, एक्सईएन, जलशक्ति विभाग