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जम्मू-कश्मीर प्रशासन की खुली पोल: 13 करोड़ खर्च करने पर भी बिजली ढांचा कमजोर, बिजली कटौती से परेशान लोग

Sun, 13 Jun 2021 08:24 PM IST
करिश्मा चिब न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू

सार

हर साल बिजली कटौती की आ रही दिक्कत, कॉरपोरेशन नहीं निकाल पाई समाधान।
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ट्रांसफार्मर की तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जम्मू संभाग में बिजली ढांचे को मजबूत करने के लिए चार साल में 13 सौ करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं, लेकिन इसमें सुधार नहीं हो पाया है। इस साल भी तापमान में बढ़ोतरी पर बिजली कटौती से लोग गर्मी में बेहाल हो रहे हैं। बिजली निगम के अनुसार ढांचे को मजबूत करने पर काम चल रहा है। इस साल के अंत तक सुधार होने की उम्मीद है।
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इसके लिए बिजली के पोल, तार, कंडक्टर और ट्रांसफार्मर बदले जा रहे हैं। शहरों में ढीले तार भी खराब मौसम में मुसीबत बन रहे हैं। 2017 से लेकर अब तक करोड़ों रुपये का बजट स्वीकृत हुआ। 2017 और 2018 में भाजपा-पीडीपी सरकार भी कुछ नहीं कर पाई है, मात्र घोषणाएं ही हुईं। पहले जनसंख्या के हिसाब से ढांचा तैयार किया गया, मगर अब जनसंख्या बढ़ने से जरूरत भी बढ़ी है।

2020 का बजट देरी से मिला
2020 का बजट बिजली निगम को जनवरी 2021 में मिला। ऐसे में अभी तक इसमें टेंडर प्रक्रिया ही चल रही है। काम शुरू नहीं हो पाया है। ऐसे में इस बार गर्मी में परेशानी पेश आ रही है।
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ग्रामीण इलाकों में बढ़ी दिक्कत
काम न होने के कारण ग्रामीण इलाकों में परेशानी बढ़ गई है। गर्मी के कारण बिजली नहीं आ रही है तो आंधी-तूफान आने पर शॉर्ट सर्किट होने से भी बत्ती गुल हो जा रही है। ऐसे में लोगों को परेशान होना पड़ रहा है।

साल                  बजट
2017                 303 करोड़ रुपये
2028                 352 करोड़
2019                 330 करोड़
2020                312 करोड़
2021                322 करोड़ (बजट मंजूरी के लिए भेजा)

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बजट कहां खर्च होना था
बजट से शहर में ट्रांसफार्मरों की क्षमता में बढ़ोतरी होनी थी। कम क्षमता के ट्रांसफार्मरों की जगह नए ट्रांसफार्मर लगने थे। ढीले तारों को बदला जाना था। नए पोल लगाए जाने थे। कंडक्टरों को बदला जाना था।
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बजट के लिए प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है। जैसे ही बजट आएगा। काम शुरू कर दिया जाएगा। बीते साल का बजट देरी से मिला है। इस कारण काम करवाने में परेशानी आई है। - गुरमीत सिंह, एमडी, बिजली निगम, जम्मू
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