जम्मू-कश्मीर में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए चिह्नित 24 हजार कनाल भूमि बैंक के बाद विभिन्न जिलों में औद्योगिक एस्टेट बनाने की कवायद तेज हो गई है। कुछ जिलों में डीपीआर तैयार की जा रही है। कई जिलों में बुनियादी ढांचे को लेकर काम भी शुरू किया गया है। नई औद्योगिक विकास योजना के लिए 15 फरवरी तक केंद्र से अधिसूचना जारी होने की उम्मीद है। इसके लिए उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के अधिकारी दिल्ली में अधिसूचना बनाने के लिए सेवाएं दे रहे हैं।
प्रदेश में कुल चिह्नित भूमि में जम्मू संभाग में 17 हजार और कश्मीर संभाग के लिए 7 हजार कनाल है। जम्मू में 1700 कनाल जमीन उद्योग एवं वाणिज्य विभाग को हस्तांतरित कर दी गई है। उद्योग भूमि बैंक के लिए जम्मू संभाग में सबसे अधिक भूमि जिला उधमपुर में देखी गई है।
इसके अलावा जिला जम्मू, सांबा, कठुआ, राजोरी, पुंछ में भी पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों पर भूमि चिह्नित की गई है। अब तक विभागीय अधिकारियों को अधिग्रहण की गई जमीन पर बुनियादी ढांचे में सड़क, बिजली, पानी जैसी सुविधाएं विकसित करने के निर्देश दिए गए हैं। इनमें अधिकांश जिलों में डीपीआर को फाइनल किया जा रहा है।
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नई औद्योगिक विकास योजना 2037 तक रहेगी कार्यान्वयन
सरकार हाल ही में जम्मू-कश्मीर में निवेश को आकर्षित करने और उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए 28 हजार 400 करोड़ रुपये की नई औद्योगिक विकास योजना लाई है और यह 2037 तक कार्यान्वयन रहेगी। इसमें फूड प्रोसेसिंग, पर्यटन, आईटी, हैंडलूम, सिल्क ऊन प्रोसेसिंग, हैंडीक्राफ्ट, हेल्थकेयर, फार्मा उद्योग, वेलनेस, पर्यटन, पशुपालन आदि क्षेत्रों में निवेश के अवसर बढ़ेंगे।
प्रदेश सरकार ने जम्मू-कश्मीर में औद्योगिक इकाइयां लगाने के लिए भूमि आवंटन की प्रक्रिया को भी समयबद्ध किया है। इसमें आवेदनकर्ता को भूमि आवंटन की प्रक्रिया 30 से 45 दिन में पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है। निवेशकों को प्रारंभिक अवधि के लिए लीज पर 40 साल और बाद में विस्तार पर 99 साल तक भूमि दी जाएगी। नई भूमि आवंटन नीति के तहत ब्लॉक और नगर निगम क्षेत्र में औद्योगिक जोन स्थापित किए जाने हैं।
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अधिग्रहण की प्रक्रिया में लाई जा रही तेजी : आयुक्त सचिव
उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त सचिव मनोज कुमार द्विवेदी का कहना है कि भूमि बैंक के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में तेजी लाई जा रही है। नए औद्योगिक एस्टेट के लिए काम शुरू किया गया है। संबंधित जिलों में डीपीआर बनाई जा रही है। कुछ जगहों पर काम शुरू भी किया गया है। उम्मीद है इस प्रक्रिया में तेजी आएगी।