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‘प्रगाश’ बैंड की एक छात्रा ने कश्मीर छोड़ा

Tue, 05 Feb 2013 09:48 PM IST
श्रीनगर/एजेंसी
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कश्मीरी लड़कियों के बैंड ‘प्रगाश’ की एक छात्रा घाटी छोड़कर बंगलूरू चली गई है। सर्वोच्च मुफ्ती के उनके गायन को गैर इस्लामिक करार दिए जाने और इसे छोड़ने का फतवा दिए जाने के बाद 10वीं की तीनों छात्राओं ने बैंड को छोड़ने का फैसला लिया था। हालांकि बैंड की दो अन्य छात्राएं अभी भी कश्मीर में बनी हुई है।
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बैंड की एक छात्रा ने दुखी स्वर में कहा कि कश्मीर संगीत के लिए नहीं है। यदि कोई संगीत सीखना चाहता है तो उसे यहां से चले जाना चाहिए। इस बीच मुफ्ती ने छात्राओं के बैंड छोड़ने का स्वागत किया है।

‘प्रगाश’ बैंड को धमकी देने वालों पर मामला दर्ज
प्रगाश बैंड को धमकियों का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। पुलिस ने मंगलवार को फेसबुक पर धमकियां देने वालों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। राजबाग पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर में आईटी एक्ट की सेक्शन 66 ए और आरपीसी की धारा 506 के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने छह फेसबुक यूजर्स की पहचान भी कर ली है।
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वहीं, बैंड की एक सदस्य अनीका खालिद ने मंगलवार को मीडिया के सामने उदासी और तहाशा के साथ बैंड को छोड़ने की घोषणा की। बहुत पूछे जाने के बाद उसका कहना था कि घाटी में बैंड और भी हैं, उन्हें भी बंद किया जाना चाहिए। फतवे लड़का और लड़कियों के लिए बराबर होते हैं। केवल यही नहीं, विवाद के बाद बैंड में तीन लड़कियों में से एक लड़की के बैंगलोर जाने की खबर है ताकि वह डिप्रेशन से बाहर आ सके।

जानकारी के अनुसार फेसबुक पर सब से ज्यादा धमकियां श्रीनगर, अनंतनाग और बिजबिहाड़ा से दी गई। मामला संवेदनशील होने के कारण जल्द ही इस मामले में गिरफ्तारियां हो सकती हैं। मीडिया के सामने आई अनीका खालिद का चेहरा उतरा हुआ था। मीडिया के सामने बात करते हुए वह परेशान भी थी।

हालांकि उसने कहा कि वह किसी से नहीं डरती है। वह ग्रैंड़ मुफ्ती की तहेदिल से इज्जत करती है और उनको इस्लाम के बारे में हमसे ज्यादा पता है। वह बैंड से पूरी तरह से अलग हो रही है। अनीका ने अपने प्रशंसकों का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि वह ग्रैंड मुफ्ती के फतवे के कारण ही बैंड से अपने को अलग कर रही है।

कश्मीर के ग्रैंड मुफ्ती ने फतवा देकर बैंड को विवादों में ला दिया था। हालांकि हुर्रियत तके धड़े इस मामले में बिफरे पडे़ हैं और मामले से अपने आप को अलग कर रहे हैं। गिलानी गुट का कहना कहा है कि लड़कियों को कोई खतरा नहीं है। सिर्फ मीडिया मामले को बेवजह तूल देकर कश्मीरी समाज और कल्चर को बदनाम किया जा रहा है। फिलहाल मामले पर बयानबाजी का दौर जारी है।
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