पाकिस्तानी गोलाबारी में वर्ष 2009 में घायल हुए पोर्टर को सेना ने 403831 रुपये की मदद दी है। नियंत्रण रेखा पर काम करते समय पाक गोलीबारी में अस्थायी पोर्टर जाकिर हुसैन बाईं आंख गंवा चुके थे।
पुंछ ब्रिगेड के अधीनस्थ तैनात सेना की गोरखा रेजीमेंट ने मंगलवार को एक समारोह में जाकिर को चेक सौंपा।
सेना की गोरखा रेजीमेंट ने अपने मुख्यालय गांव सेकलू में समारोह का आयोजन किया था। इसमें बड़ी संख्या में गांव के लोग और सैन्य अधिकारी मौजूद रहे। समारोह की अध्यक्षता गांव के सरपंच सुरेंद्र सिंह ने की।
गोरखा रेजीमेंट के कमांडिंग अधिकारी कर्नल वाईके शर्मा मुख्य अतिथि रहे। उन्होंने गंाव गूंतरियां मंधार निवासी जाकिर को चेक और उपहार भेंट किया।
जाकिर हुसैन ने बताया कि वह वर्ष 2009 में नियंत्रण रेखा पर सेना के बंकर के निर्माण कार्य में बतौर अस्थायी पोर्टर के तौर पर काम कर रहा था कि पाक सेना द्वारा गोलाबारी शुरू कर दी गई। इसमें बाईं आंख चली गई। उसके बाद सेना ने मुझे उपचार उपलब्ध कराने के साथ ही अन्य सहायता दी।