पुंछ। जम्मू-कश्मीर का बंटवारा सोची समझी साजिश के तहत किया गया। जो रेखा खींची गई वो यहां न होती, बल्कि मीरपुर, कोटली, रावलाकोट, पलंदरी, बाग और सदनुती से आगे होती, और इस क्षेत्र का कोई खान, कोई चौधरी कोई सरदार जम्मू-कश्मीर का मुख्यमंत्री होता।
यह कहना है भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र रैना का, वह वीरवार को पुंछ के चार दिवसीय दौरे के अंतिम दिन मेंढर के में भाजपा और पहाड़ी भाषियों की जनसभा को संबोधित कर रहे थे। रैना ने कहा कि हमें आज जो रेखा अर्थात नियंत्रण रेखा दिखाई दे रही है, इसको यहां नहीं होना था, बल्कि हमारा क्षेत्र इससे काफी आगे था। साजिश के तहत बंटवारे के बाद यह रेखा खींच दी गई। जब मैं 2014 में विधायक बन कर विधानसभा पहुंचा तो वहां देखा कि सदन में 24 सीटें खाली रखी गई हैं। जो आज 50 सीटें होतीं, और वर्तमान 40 सीटों को मिलाकर कुल 90 सीटें होती। यह बात पक्की थी कि हमारे इस क्षेत्र का ही कोई मुख्यमंत्री बनता। हमारे यहां के ही एक नेता सरदार सिकंदर हयात खान पीओके के राष्ट्रपति रहे, लेकिन उसके बाद उन्होंने यह कहा कि हमें गुलाम बना कर रखा है। इस बंटवारे के कारण हमारे लोगों को वहां कई प्रकार की परेशानियां झेलनी पड़ती हैं। पूर्व राष्ट्रपति रहे हमारे लोगों को तहसीलदार और उपायुक्त के पास जाते हैं। तो उन्हें घंटों बाहर बैठाए रखा जाता है।
रैना ने कहा कि इस साजिश के कारण 70 वर्ष से हमारे गुज्जर बक्करवाल और पहाड़ी भाषियों के साथ जम्मू-कश्मीर की सत्ता संभालने वाले दलों ने नाइंसाफियां की हैं। भाजपा ने गुज्जर बक्करवाल के साथ इंसाफ किया। उनको वन भूमि पर मालिकाना हक दिया। नौकरियों में पदोन्नति में आरक्षण बहाल किया। राजनीतिक आरक्षण दिया है। अब पहाड़ियों को भी उनका हक जनजाति का दर्जा दिया जाएगा। क्योंकि मोदी साहब का नारा है सबका साथ-सबका विकास और सबका विश्वास, जिसे पूरा किया जा रहा है।
इस अवसर पर एमएलसी विबोध गुप्ता, प्रदीप शर्मा, जिला अध्यक्ष मोहम्मद रफीक चिश्ती, सुनील गुप्ता, मेंढर के भाजपा के कई बड़े नेता भी उपस्थित रहे।