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मंडी में सेना ने 1971 के युद्ध में पाकिस्तानी से छीने गए हथियारों की लगाई प्रदर्शनी

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पुंछ। मंडी तहसील में देश की सुरक्षा के लिए तैनात सेना की 12 कुमाऊं रेजिमेंट की तरफ से शुक्रवार को सामाजिक संगठन शहीद मेजर रोहित मेमोरियल सोसायटी के सहयोग से हथियारों की प्रदर्शनी लगाई। इसमें सेना की कुमाऊं रेजिमेंट द्वारा 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में पाकिस्तानी सेना से छीने गए हथियारों को प्रदर्शित किया गया। प्रदर्शनी देखने के लिए बड़ी संख्या में युवक-युवतियों के साथ ही गणमान्य लोग भी पहुंचे।
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सेना के अधिकारियों ने बारी-बारी से एक-एक पाकिस्तानी सेना के हथियारों के बारे में जानकारी देते हुए सेना की बहादुरी से रूबरू कराया। इस अवसर पर सेना की तरफ से उपस्थित लोगों को 1971 के युद्ध पर बनी एक फिल्म दिखाई गई। इसमें सेना द्वारा 90 हजार पाकिस्तानी सैनिकों को बंदी बनाए जाने और पाकिस्तान से बंगलादेश को स्वतंत्र कराए जाने को दर्शाया गया। सेना की तरफ से मंडी में इस प्रकार की प्रदर्शनी का आयोजन किए जाने पर प्रसन्नता प्रकट करते हुए जहां शहीद मेजर रोहित मेमोरियल सोसायटी के संस्थापक अली मोहम्मद ने कहा कि इस प्रदर्शनी से हम लोगों को न सिर्फ सेना बल्कि कुमाऊं रेजिमेंट के उन जवानों एवं अधिकारियों की वीरता का पता चला है। जो 1971 में पाकिस्तान से युद्ध लड़े थे।
वहीं रेहाना, आसिया, शबनम आदि युवतियों ने कहा कि हमने आज तक बंगलादेश के नाम से एक देश है, उसके बारे में पढ़ा सुना जरूर था, लेकिन हमें इस बात का पता चला कि उसको बनाने के लिए सेना के कितने वीर जवानों ने कुर्बानियां दी हैं। हमें अपनी हिंदुस्तानी सेना की वीरता पर गर्व है। सेना की कुमाऊं रेजिमेंट के अधिकारियों ने उपस्थित लोगों को बताया कि पूरा देश इस समय 1971 के युद्ध की स्वर्ण जयंती मना रहा है। उसी कड़ी में आज इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। ताकि क्षेत्र के युवाओं को उसके बारे में जानकारी प्रदान की जा सके।
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