पुंछ। जिले की मंडी तहसील में भारत-पाकिस्तान नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तानी सेना की चौकियों के एकदम नीचे बसे गगडियां गांव में सुविधाओं की कमी है। यहां तक गोलीबारी की स्थिति में जान बचाने के लिए बंकर तक नहीं हैं। बदले हालात में लोग खुद को सुरक्षित करने के लिए पशुशाला में पनाह ले रहे हैं। हालांकि यहां के ग्रामीण भी चाहते हैं कि इस बार पाकिस्तान को ऐसा जवाब दिया जाए, ताकि फिर कोई हरकत नहीं कर पाए।
कई बार पाकिस्तानी गोलाबारी में अपने सगे-संबंधियों को खो चुके एवं अपने घरों को तबाह होते देख चुके मोहम्मद युसूफ, बशीर अहमद, नजुर अहमद बट्ट आदि ने पाकिस्तानी गोलाबारी से बचने के लिए प्रबंध करने शुरू कर दिए हैं। ग्रामीणों को सरकारी बंकर नहीं मिले हैं। ऐसे में उन्होंने घर में नीचे बनाई गई पशुशाला में छिपने की व्यवस्था करनी शुरू कर दी है। इन ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने खुद बंकरनुमा पशुशाला का निर्माण किया है, जो जमीन से पांच फुट नीचे है। इसमें गोलाबारी के समय अपनी और परिवार की जान बचा सकते हैं।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि पाकिस्तानी सेना ने जब भी गोलाबारी की है, सबसे पहले इस गांव को ही निशाना बनाया है। पाकिस्तानी सेना गांव के एकदम ऊपर पहाड़ी पर है। वहां से गांव की हवाई दूरी सौ मीटर से भी कम ह़ोगी। इसके बावजूद हम चाहते हैं कि पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दिया जाए।