पिछले क ई दिनों से आवारा कुत्तों ने आतंक मचा कर रखा है। इन कुत्ताें ने डेढ़ दर्जन से अधिक लोगों को अपना शिकार बनाया है, जिनमें कई बच्चे भी शामिल हैं। वहीं आवारा कुत्तों के आतंक का यह आलम है कि अधिकतर लोग अपने बच्चों को खुद स्कूल छोड़ने और लेने जाने लगे हैं।
आवारा कुत्तों के आतंक से दुखी लोगों में जिला प्रशासन और नगरपालिका के प्रति भारी रोष व्याप्त है। लोगों का कहना है कि न तो कई दिन से आवारा कुत्तों को मारने के लिए कोई प्रयास किया जा रहा है और न ही इन्हें पकड़ कर जंगलों में छोड़ने को लेकर कोई काम किया जा रहा है।
नगर में दिन-ब-दिन बढ़ रही आवारा कुत्तों की संख्या पर काबू भी नहीं पाया जा रहा है। नगर में पिछले एक हफ्ते से काजी मोड़ा, डुंगस, खोड़ीनाड़, कामसर सहित कई मोहल्लों में आवारा कुत्तों ने आतंक मचा रखा है।
कुत्तों ने हमला कर कई को गंभीर रूप से घायल कर दिया है। अमरजीत सिंह, चन्नी, रमेश कुमार, संजीव कुमार, जावेद इकबाल का कहना है कि एक तो पिछले कुछ वर्षों से आवारा कुत्तों को मारने पर रोक लगा दी गई है।
नगर में लगातार आवारा कुत्तों की संख्या बहुत बढ़ गई है। गली मोहल्ले, चौक चौराहे पर दर्जनों की संख्या में कुत्ते डेरा जमाए रहते हैं। नगरपालिका इससे अंजान बन रही है।