पुंछ। जिले में नियंत्रण रेखा पर चक्कां दा बाग क्षेत्र में घुसपैठ का प्रयास करते हुए शुक्रवार रात को सेना द्वारा दबोची गई 49 वर्षीय पाकिस्तानी महिला रोजिना बी से शनिवार को पुंछ नगर स्थित थाने में पुलिस के अधिकारियों और सुरक्षा एवं खूफिया एजेंसियों ने दिन भर पूछताछ जारी रखी।
देर शाम तक न तो पुलिस की तरफ से उस महिला को मीडिया के सामने आने दिया, और न ही किसी पुलिस अधिकारी की तरफ से घुसपैठ करने एवं उसके पकड़े जाने के बारे में किसी प्रकार की जानकारी प्रदान की गई।
बड़ी संख्या में मीडिया कर्मी दिन भर थाने में डेरा डालने के उपरांत शाम को बैरंग ही लौटे। उधर सूत्रों के अनुसार नियंत्रण रेखा से दबोची गई महिला पढ़ी लिखी है और पूछताछ के दौरान वह अंग्रेजी में बातें करती रही। सूत्रों को कहना है कि यह पाकिस्तानी महिला पहले भी कई बार भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ करने का प्रयास कर चुकी है। एक बार उसने बिना पासपोर्ट बिना वीजा के वाघा बॉर्डर से इस पार आने का भी प्रयास किया और जिले में कुछ दिन पूर्व दोपहर के समय वह नियंत्रण रेखा के इस पार आने का प्रयास कर रही थी, जिसे सैनिकों ने लौटा दिया था। इसके बाद वह शुक्रवार रात को अंधेरे का लाभ उठा कर इस पार घुसपैठ करने में सफल हो गई।
सूत्रों का कहना है कि आज पूछताछ के दौरान इस महिला ने इस पार आने का मकसद भारत-पाकिस्तान के बीच मसला ए कश्मीर को हल कराना है। पूछताछ में कई बार इस महिला की हरकतें मानसिक रोगी जैसी भी दिखी। उसने ब्रिटेन सहित कई विदेशी मुलकों का दौरा करने की भी बात कहीं। अब देखना यह है कि आज की पूछताछ के बाद पुलिस उसके खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई करती है, अथवा उसे दोबारा चक्कां दा बाग की राहें मिलन के रास्ते वतन लौटाया जाता है। जो भी हो इस शिक्षित महिला के इस प्रकार भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ किए जाने को खुफिया एजेंसियां कहीं न कही संदिग्ध भी मान रही हैं, क्योंकि जिस नियंत्रण रेखा से उसने घुसपैठ की है उसके बारे में बिना जानकारी के घुसपैठ करना मुश्किल ही नहीं न मुमकिन है। ऐसे में पाकिस्तान के इस्लामाबाद की रहने वाली एक महिला के इस प्रकार घुस आने के पीछे कोई न कोई वजह जरूर देखी जा रही है। कहीं पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी अथवा आतंकी संगठनों का कोई नया पैंतरा तो न हो।