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मोदी के बारे में गिलानी के खुलासे पर रियासत में सियासत

Sun, 20 Apr 2014 09:02 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
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भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी द्वारा कट्टरपंथी अलगाववादी सैयद अली शाह गिलानी के पास दो दूतों को भेजे जाने के गिलानी द्वारा ही किए खुलासे पर रियासत में सियासत तेज हो गई।
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शनिवार को मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने ट्वीट के जरिये गिलानी से मोदी के दूतों की पहचान सार्वजनिक करने की मांग की। उमर ने ट्वीट के जरिये स्पष्ट किया कि हकीकत का पता चलना चाहिए। कौन झूठ बोल रहा। गिलानी अथवा भाजपा।

इसके अलावा नरेंद्र मोदी के दूतों के साथ मीरवाइज उमर फारूक की बैठक संबंधी खुलासे पर भी गिलानी के खिलाफ मीरवाइज ने मोर्चा खोल दिया।
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भाजपा ने किया गिलानी के दावे को खारिज

उमर अब्दुल्ला का कहना है कि गिलानी के दावे को भाजपा ने पहले ही खारिज कर दिया है। गिलानी ने कहा था कि नरेंद्र मोदी ने अपने दूतों को उनके साथ बातचीत के लिए भेजा था। वह अन्य अलगाववादी नेताओं से भी दिल्ली में कश्मीर मसले के समाधान पर बातचीत करना चाहते थे।

उन्होंने कहा कि अब जिम्मेदारी गिलानी की बनती है कि वह दूतों की पहचान उजागर करें, ताकि हकीकत सामने आ सके।

बकौल उमर अवाम जानना चाहती है कि अनुच्छेद 370 के संदर्भ में भाजपा की तरफ से क्या गारंटी गिलानी को दी गई। आर्म्ड फोर्सेज स्पेशल पावर एक्ट पर क्या रुख दूतों का रहा। इसमें कुछ भी गुप्त नहीं होना चाहिए।
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'गिलानी के आरोप बेबुनियाद'

उधर नरमपंथी हुर्रियत कान्फ्रेंस के चेयरमैन मीरवाइज उमर फारूक का कहना है कि गिलानी ने उन पर बेबुनियाद आरोप लगाया है कि उन्होंने मोदी के दूतों से बैठक की। इसका सवाल ही पैदा नहीं होता। हमारी किसी भी भाजपा नेता अथवा इसके दूत से बैठक नहीं हुई।

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की तारीफ करने का यह मतलब नहीं कि वह भाजपा के कश्मीर संबंधी नजरिये अथवा भाजपा के समर्थक हो गए। बकौल मीरवाइज उन्होंने सिर्फ यह कहा था कि वाजपेयी के नेतृत्व में एनडीए ने कश्मीर मसले के समाधान की जो पहल की थी, उसे कांग्रेस के नेतृत्व में यूपीए ने आगे नहीं बढ़ाया।

लिहाजा गिलानी की बयानबाजी सिर्फ रियासती अवाम को गुमराह करने के लिए हो रही है। मीरवाइज ने कहा कि किसी पर आरोप लगाने से पूर्व गिलानी को आत्मचिंतन करना चाहिए। गिलानी ने एक दर्जन चुनाव लड़कर भारतीय संविधान की शपथ ली है। अब यह दूसरों पर अंगुली उठा रहे हैं।
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