कश्मीर संभाग में आए दिन होने वाली हिंसा से पुलिस की प्रापर्टी को भी खासा नुकसान हो रहा है। इसमें रक्षक वाहन मुख्य रूप से शामिल हैं। पुलिस के एक तिहाई रक्षक वाहन हिंसा की भेंट चढ़ गए हैं। अब पुलिस इनकी मरम्मत कराने जा रही है।
यह वाहन काफी महंगे हैं, इसलिए सारे खरीदने के लिए विभाग के पास फंड्स नहीं, लेकिन मरम्मत कर इन्हें दोबारा तैयार किया जाएगा। नामी वाहन मरम्मत कंपनियों को इसका जिम्मा दिया जाएगा।
जानकारी के अनुसार राज्य पुलिस के पास 100 रक्षक वाहन हैं। इन वाहनों को तनाव के माहौल या फिर मुठभेड़ में इस्तेमाल किया जाता है। इनके शीशे बुलेट प्रूफ रहते हैं, जबकि वाहन का बाहरी हिस्सा भी काफी मजबूत रहता है, लेकिन कश्मीर में आए दिन होने वाली पत्थरबाजी और एनकाउंटर की वजह से तीन दर्जन (36) वाहन क्षतिग्रस्त हो गए हैं।
कश्मीर संभाग के हंदवाड़ा, अनंतनाग, शोपियां, कुपवाड़ा आदि जिलों में यह वाहन क्षतिग्रस्त हुए हैं। वाहनों के सामने वाले शीशे टूटे हैं। इसका शीशा भी काफी महंगा होता है। एक वाहन की कीमत करीब 40 लाख रुपये है।
विभाग के एआईजी प्रोविजन जुनैद अहमद का कहना है कि वाहन काफी महंगे होते हैं। इसलिए इनकी मरम्तत करवा कर दोबारा तैयार किया जाएगा। इसके लिए नामी कंपनियों को न्योता दिया गया है। हालांकि कुछ एक वाहन खरीदने का प्रस्ताव बनाकर उच्च अधिकारियों को सौंपा गया है।