बरकती को चार साल की गिरफ्तारी के बाद अक्तूबर 2020 में रिहा किया गया था। हिजबुल मुजाहिदीन कमांडर बुरहान वानी के 2016 में मुठभेड़ में मारे जाने के बाद भड़की हिंसा के दौरान उसे गिरफ्तार किया गया था।
दक्षिण कश्मीर के शोपियां से शनिवार की सुबह एक धर्मगुरु सर्जन बरकती को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। वहीं, दो दिन पहले मौलवी मौलाना अब्दुल रशीद दाउदी व मुश्ताक अहमद वीरी को पीएसए के तहत गिरफ्तार किया गया था। तीन दिन में तीन धर्मगुरुओं को पुलिस ने घृणा भरे भाषण देने के आरोप में गिरफ्तार किया है।
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बरकती के परिवार के एक सदस्य ने बताया कि उसे सुबह पौने सात बजे गिरफ्तार किया गया। बरकती को चार साल की गिरफ्तारी के बाद अक्तूबर 2020 में रिहा किया गया था। हिजबुल मुजाहिदीन कमांडर बुरहान वानी के 2016 में मुठभेड़ में मारे जाने के बाद भड़की हिंसा के दौरान उसे गिरफ्तार किया गया था।
गिरफ्तारी का मुतहिदा ए उलेमा (एमएमयू) ने विरोध किया है। संगठन का कहना है कि पिछले दो दिनों में आधा दर्जन धर्मगुरुओं को पीएसए के तहत गिरफ्तार किया गया है। इनका कहना है कि धर्मगुरुओं का काम इस्लाम का प्रचार करना है। मानवता और प्यार का संदेश देना है। उन्होंने इन्हें तत्काल रिहा करने की मांग की है।