अगर वहां मंत्रियों के बच्चे होते तो उन्हें सुरक्षित निकाल लेने के साथ उचित कार्रवाई की जाती। केंद्रीय एचआरडी मंत्री स्मृति ईरानी का वहां कोई नहीं है। इसलिए उन्हें दर्द का अहसास नहीं है। हमारे बच्चे सदमे में हैं। असुरक्षित माहौल में उन पर दबाव बनाकर उन्हें फेल करने की साजिश की जा रही है।
परीक्षाओं को जबरन थोपा जा रहा है। कैंपस में जेकेपी के जवान सिविल वर्दी में खुलेआम घूम रहे हैं। ऐसी परिस्थितियों में कुछ समझ नहीं आ रहा कि उन्हें घर वापस बुलाएं या वहीं रहने दें। प्रदर्शनी मैदान जम्मू के बाहर शुक्रवार को एनआईटी श्रीनगर में पढ़ रहे अपने लाडलों की दुर्दशा सुनाते अभिभावकों की आंखें भर आईं।
इस दौरान श्रीनगर से आए एनआईटी विद्यार्थी भी मौजूद रहे। उन्होंने आरोप लगाए कि एनआईटी प्रशासन ऐसे खराब माहौल में परीक्षाएं करवाकर स्थानीय विद्यार्थियों को लाभ देने की साजिश कर रहा है।